दोस्तों ने पीठ में छुरा घोंपा है। कुछ लोग स्वार्थी हो गए। अभी तक न तो खेत बिके हैं और न ही बेटे की मौत का क्लेम मिला है। उधार मांगने वाले लगातार दबाव बना रहे हैं। दुखों और अपनों के धोखे का यह उबार गांव खरावड़ के पूर्व सरपंच पति ओमकवार जांगड़ा ने अपने सुसाइड नोट में निकाला। ओमकवार ने मंगलवार सुबह लाइसेंसी रिवाल्वर से खुद के सिर में गोली मारकर आत्महत्या कर ली। परिजनों को उनका शव मकान के बाहरी हिस्से में पड़ा मिला। पुलिस ने मौके से एक डायरी बरामद की है। इसमें ओमकवार ने 6 पेज का सुसाइड नोट लिख रखा है।
पुलिस के मुताबिक, ओमकवार जांगड़ की पत्नी कमलेश गांव की पूर्व सरपंच रह चुकी हैं। उनका बड़ा बेटा रवींद्र एयरफोर्स में था। उसकी तैनाती मुंबई में थी। 1 अप्रैल 2011 में रवींद्र की एक सड़क हादसे में मौत हो गई। इसके बाद से ही ओमकवार तनाव में रहने लगे थे। बेटे की मौत के बाद उन्हें आज तक कोई क्लेम नहीं मिला। ओमकवार ने कोर्ट में केस डाल दिया था। मामला अभी कोर्ट में विचाराधीन है। इसी वजह से मानसिक रूप से परेशान होकर जीवन लीला समाप्त कर रहा हूं। ओमकवांर की मौत के बाद पूरा गांव सदमे में है।ओमकवार अपने साथ हमेशा लाइसेंसी रिवाल्वर रखते थे।
मंगलवार की सुबह जब उनकी पत्नी कमलेश बैठक में पहुंची तो उसने देखा कि जिस कमरे में वे सोते थे, उस कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। कमलेश ने खिड़की से देखा तो उनके पति का शव पलंग पर पड़ा है। जैसे तैसे करके परिवार के सदस्य कमरे में घुसे। पुलिस को मौके पर बुलाया गया। वहीं, ग्रामीणों की मानें तो ओमकवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। खरावड़ चौकी इंचार्ज अजीत सिंह ने बताया कि ओमकवार ने सुसाइड नोट में किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया गया है।
बेटे की मौत के बाद टूट गया था ओमकवार
बेटे की मौत के बाद ओमकवार पूरी तरह टूट चुका था। पंचायत चुनाव की जीत की खुशी बेटे की मौत के कारण फिकी पड़ गई थी। बेटे की मौत का मुआवजा भी उसे नहीं मिला था, जिसका हाईकोर्ट में केस चल रहा था। इसी वजह से वह मानसिक रूप से परेशान था।