साड़ी का शोरूम खोलकर शहर के 10-12 व्यापारियों से ठगी का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि दिल्ली रोड पर डी-पार्क के पास दुकान किराये पर लेकर उसमें साड़ी का शोरूम खोलने की प्रक्रिया शुरू की गई। इसके बाद व्यापारी बनकर दो युवकों ने पालिका बाजार, बजरंग भवन समेत कई जगहों से शोरूम के नाम पर काफी सामान उठा लिया। बदले में उन्होंने व्यापारियों को चेक पकड़ा दिये। मंगलवार को जब व्यापारियों के चेक बाउंस हुए तो उन्होंने सामान खरीदने वालों की तलाश शुरू की। शोरूम पर जाने पर पता चला कि उसे खोलने वाले शनिवार रात ही दुकान खाली करके चले गये। इसके बाद व्यापारियों को पता चला कि उनके साथ ठगी हुई है। बुधवार को बैंक से बाउंस चेक लेकर पुलिस में केस दर्ज कराया जाएगा। बताया जा रहा है कि जिस दुकान में साड़ी का शोरूम खोला गया था वह पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा के पारिवारिक सदस्य व उनके ओएसडी रहे सूर्यदेव दहिया की है।
ठगी के शिकार व्यापारियों ने बताया कि शनिवार को दो युवक पालिका बाजार में एलजी के शोरूम पर पहुंचे। युवकों ने सतेंद्र मलिक को बताया कि उन्होंने शीतल मॉल में साड़ियों का शोरूम खोला है। उसके लिए उन्हें एलसीडी चाहिए। युवकों ने कहा कि वह कैश पेमेंट न करके चेक से पेमेंट करते हैं, ताकि किसी तरह के टैक्स आदि का चक्कर न रहे। इस तरह उन्होंने खुद को बड़ा व्यापारी बताकर मलिक को झांसे में ले लिया। मलिक ने उन पर विश्वास करके एक एलसीडी उसी दिन युवकों के बताए गए शोरूम में भिजवा दी। बदले में युवकों ने 22 हजार रुपये का आईसीआईसीआई बैंक दिल्ली की शाखा का चेक सतेंद्र मलिक को दे दिया। इसके बाद दोनों युवकों ने पहले वाली कहानी सुनकर वर्मा इलेक्ट्रानिक्स के मालिक कृष्ण वर्मा से भी एक एलसीडी ले ली और 25 हजार का चेक थमा दिया।
युवकों ने पालिका बाजार में ही सलेक्शन फर्नीचर हाउस के संजय सिक्का से 28 हजार रुपये का फर्नीचर लिया। उनको भी चेक दिया और चले गये। उसी दिन युवकों ने बजरंग भवन के पास पहुंचकर गौतम अग्रवाल की इलेक्ट्रानिक्स की दुकान से एक एलसीडी ली और 22 हजार का चेक दिया। कालरा इनर्वटर-बैट्री की दुकान से इनवर्टर और बैट्री लेकर 27 हजार का चेक दिया। फिलहाल तो इतने ही व्यापारी सामने आए हैं, जिनसे ठगी का पता चला है। ठगे गए व्यापारियों ने बताया कि शनिवार को साड़ी के शोरूम में जोरशोर से काम चल रहा था। उसे देखकर लगा कि युवक झांसा नहीं दे रहे हैं और उन्होंने विश्वास कर लिया। व्यापारियों ने सोमवार को बैंक में चेक लगाया। मंगलवार सुबह बैंक से मोबाइल पर मैसेज आया कि उनका चेक बाउंस हो गया है।
ठगी के शिकार गौतम अग्रवाल ने बताया कि इसके बाद वह शीतल मॉल में उस दुकान पर पहुंचे, जिसमें साड़ी का शोरूम बनाया जा रहा था। छानबीन करने पर पता चला कि दुकान को शनिवार की रात में खाली कर दिया गया। इसके बाद व्यापारियों में हड़कंप मच गया। वह ठगों के बारे में दिनभर छानबीन करते रहे, लेकिन कुछ पता नहीं चला। अब व्यापारी बैंक से बुधवार को चेक वापस मिलने का इंतजार कर रहे हैं, जिससे थाने में मुकदमा दर्ज कराया जा सके।
बड़ा गिरोह सक्रिय होने की आशंका
जिस तरह से व्यापारियों से ठगी की गई है, उससे लग रहा है कि शहर में कोई रैकेट सक्रिय है। ठगों ने व्यापारियों पर विश्वास जमाने के लिए दुकान लेकर साड़ी का शोरूम खोलना शुरू किया। उसके लिए काम भी शुरू करा दिया, जिससे देखने आने वाले व्यापारियों को शक न हो। उसके बाद व्यापारियों को इस तरह से बताया गया कि वह टैक्स आदि की परेशानियों को देखते हुए कैश नहीं देते हैं। चेक से पेमेंट करते हैं।
किसी के बहकावे में ना आएं व्यापारी : गुलशन निझावन
पालिका बाजार व्यापारी एसोसिएशन के प्रधान गुलशन निझावन ने कहा कि जिस तरह से व्यापारियों के साथ ठगी हो रही है उसे देखते हुए व्यापारियों को सतर्क रहना होगा। यही नहीं किसी के बहकावे में नहीं आना होगा। उन्होंने व्यापारियों से अपील करते हुए कहा कि वह किसी को चेक के आधार पर सामान न दें। कैश लेकर ही सामान दिया जाए, ताकि बाद में इस तरह की परेशानी न हो।