हुडा कांप्लेक्स स्थित बीएसएनएल के सर्कल कार्यालय में बुधवार को टेलीफोन अदालत लगी। अदालत में लोगों को न्याय देने के लिए बैठे अधिकारियों ने ही समस्याएं लेकर आए सीनियर सिटीजन के साथ दुर्व्यवहार किया। उन्होंने कमरे में आए सीनियर सिटीजन के साथ रुद्र व्यवहार करते हुए उन्हें बाहर जाने के लिए कहा। इसी बात को लेकर अधिकारियों और सीनियर सिटीजन के बीच काफी नोंकझोंक भी हो गई। सीनियर सिटीजन ने कहा कि वे अपनी समस्या का समाधान कराने के लिए आए हैं, न की अपना अपमान कराने और कार्यालय की सीढ़ियां चढ़ने-उतरने। माहौल गर्म होते देख उच्च अधिकारी ने हस्तक्षेप किया और स्थिति को संभाला। बाद में अधिकारी ने अपनी गलती महसूस की और माफी भी मांगी। वहीं, टेलीफोन अदालत में रोहतक के अलावा भिवानी, चरखीदादरी, झज्जर और बहादुरगढ़ से शिकायत लेकर पहुंचे 22 केसों का निपटारा किया गया।
टेलीफोन अदालत में जहां स्टेट यूनिवर्सिटी आफ विजुअल एंड परर्फोमिंग आर्ट (सुपवा) के कर्मचारी बीएसएनल की सेवाओं का इस्तेमाल किए बिना एक लाख, छह हजार रुपये का बिल लेकर पहुंचे। वहीं, चार साल से ब्याज लेने के लिए भटक रहे सेक्टर-3 के उमेद सिंह भी अदालत में पहुंचे। उन्होंने कहा कि अगर जल्द ही उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वी इसकी शिकायत पीएमओ कार्यालय में करेंगे। उन्होंने बताया कि साल 16 सितंबर 2013 को अपनी पत्नी के नाम लिया लैंड लाइन नंबर बंद करके जमा करा दिया। इसके लिए जमानत राशि भी मांगी, जो निगम के अधिकारियों द्वारा नियम 2-4-2002 के तहत 60 दिन के भीतर दे देनी चाहिए थी। इस नियम के तहत निगम को 14 नवंबर 2013 के तहत राशि देनी थी और 10 नवंबर को चैक भी बना दिया गया। इसके बावजूद उन्हें 16 जनवरी 2014 को करीब 2400 रुपये का चैक दिया गया, जो उन्हें 37 दिन के भीतर मिला लेकिन उनके खाते में राशि 21 जनवरी को जमा हुई।
वाई-फाई कनेक्शन चला नहीं, 3418 का दिया बिल
बीएसएनएल का वाई-फाई कनेक्शन लिया था, जो केवल एक महीने ही मुश्किल से चला। पिछले करीब छह महीने से वाई-फाई नहीं चल रहा है और निगम ने उन्हें 3418 रुपये का बिल थमा दिया। वे इस बिल को ठीक कराने के लिए अदालत में आई है। इससे पहले भी दो बार आ चुकी हूं। फिलहाल उन्हें प्रार्थना पत्र देने को कहा है और इसके बाद ही कुछ समाधान होगा।
- ज्योति, झंग कालोनी।
50 में से एक कनेक्शन भी नहीं चला, थमाया एक लाख
साल 2012 में सुपवा ने आईएसडीएन पीआरआई के तहत कार्यालय में इस्तेमाल के लिए 50 कनेक्शन लिए थे। जिसमें से एक भी नहीं चलाया। उन्होंने 10 हजार रुपये वाला प्लान लिया था और निगम ने 25 हजार रुपये के प्लान के हिसाब से बिना कोई सेवाएं दिए एक लाख, छह हजार रुपये का बिल थमा दिया। उन्हें इस बारे में पिछले साल 23 सितंबर को पता चला, जब उन्हें कनेक्शन चालू कराने थे। अब इसे ही ठीक कराने के लिए भटक रहे हैं।
- विनीत, आईटी हेड, स्टेट यूनिवर्सिटी आफ विजुअल एंड परर्फोमिंग आर्ट।
सुपवा ने इंटर कोम कनेक्शन लिया था। हमने वहां पर लाइन बिछाकर दे दी थी और मेन लाइन भी दे थी। इसके बाद सुपवा प्रशासन को ही वायरिंग करानी थी, जो उन्होंने नहीं कराई है। सुपवा के मामले का जल्द निपटारा कर दिया जाएगा। वाई-फाई कनेक्शन के मामले में झंग कॉलोनी की ज्योति को पत्र लिखकर देने को कहा है। उनकी शिकायत का भी पत्र मिलने के बाद समाधान कर दिया जाएगा। टेलीफोन अदालत में पूरे सर्कल कार्यालय से 22 केस आए थे। जिनमें से अधिकतर का समाधान मौके पर ही कर दिया गया है।
- कप्तान सिंह, महाप्रबंधक, बीएसएनएल रोहतक।