शहर में काला तेल डालकर चोरी और ठगी करने वाला गिरोह सक्रिय हो गया है। गिरोह के दो सदस्यों ने एक ट्रांसपोर्टर की कार के बोनट पर काला तेल डालकर उसका नोटों से भरा बैग उड़ा दिया। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। इस संबंध में सिविल लाइन थाने में केस दर्ज किया गया है।
पुलिस को दी शिकायत में सेक्टर 2-3 निवासी अंकुर ने बताया कि वे अपने भाई के साथ ट्रांसपोर्ट का काम करते हैं। अंकुर मंगलवार शाम को अपने भाई के साथ कार से अपने पार्टनर को भुगतान करने के लिए मॉल गोदाम रोड जा रहे थे। कार में रखे बैग के अंदर एक लाख एक हजार रुपये थे। जब वे नारायणा कांप्लेक्स पहुंचे तो यहां उनके भाई को कोई काम याद आ गया। इस पर उनका भाई कांप्लेक्स स्थित एक कंप्यूटर की दुकान में चला गया। तभी एक युवक अंकुर की कार के सामने आया और उसने चुपके से कार के बोनट पर काला तेल डाल दिया। इसके बाद आरोपी ने अंकुर से कहा कि उनकी कार से तेल लीक हो रहा है।
इसके बाद अंकुर पड़ताल के लिए कार से नीचे उतरे और बोनट को ऊपर करके इंजन को देखने लगे। बोनट खुलने के कारण अंकुर को कार के पीछे का हिस्सा नजर नहीं आ रहा था। इसी का फायदा उठाकर आरोपी ने कार से बैग चोरी कर लिया। एक अन्य आरोपी भी कुछ ही दूरी पर खड़ा था। वारदात के बाद दोनों मौके से फरार हो गए। जब अंकुर जांच के बाद कार में बैठे तो बैग गायब मिला। आसपास आरोपियों की तलाश की लेकिन कोई भी सुराग नहीं लगा। इसके बाद मामले की शिकायत पुलिस को दी गई।
500 और 1000 के नोट में थे 60 हजार रुपये
जांच अधिकारी एएसआई देवेंद्र ने बताया कि आरोपी ने कार से जिस बैग को चोरी किया है उसमें एक लाख एक हजार रुपये रखे थे। इसमें 100 के नोट के 40 हजार रुपये जबकि 60 हजार रुपये 500 और 1000 के नोट के थे। इसके अलावा, 10 के नोट के एक हजार रुपये थे। पुलिस ने मामला सामने आने के बाद आसपास लगे सीसीटीवी कै मरों की फुटेज को खंगाला है। लेकिन एक भी जगह की फुटेज में आरोपियों की तस्वीर नहीं है।
कई जिलों में सक्रिय है तेल गिरोह
काला तेल डालकर चोरी करने वाला गिरोह प्रदेश के कई जिलों में सक्रिय है। इसका सबसे ज्यादा प्रभाव हिसार और फतेहाबाद में है। हालांकि रोहतक में भी पहले इस तरह के कई मामले सामने आ चुके हैं। इस गिरोह के सदस्य वाहन या जूतों पर काला तेल डालकर लोगों का ध्यान भटकाते हैं। इसके बाद सामान चोरी कर भाग जाते हैं। इस गैंग के अधिकतर गुर्गे 15 से 20 साल के बीच होते हैं।
अब कैसे चलेगा काम, नई करेंसी हाथ में नहीं
एक लाख से ज्यादा रुपये चोरी के बाद ट्रांसपोर्टर का व्यापार प्रभावित हो गया है। दोनों भाइयों ने पेमेंट के लिए ही रुपये रखे थे। अब नोट बंदी के कारण आधे से ज्यादा भुगतान नहीं हो सकेगा। मामले में जांच अधिकारी का कहना है कि नोट बंदी के बाद आरोपी 100 के नोट तो आसानी से चला सक ते हैं। लेकिन 500 और 1000 के नोट चलाने में उन्हें परेशानी आएगी। इस कारण जल्द ही आरोपियों को दबोचा जा सकता है।