एक बार फिर मां की ममता तार-तार हो गई। यह उसकी मजबूरी रही या मनमानी कि वह एक दिन की बच्ची को झाड़ियों में फेंककर चली गई। अभी बच्ची ने ठीक से आंख भी नहीं खोली थी कि वह मां की ममता से दूर हो गई। रोहतक-जींद रोड पर लाखनमाजरा खंड के गांव इंद्रगढ़ के पास शुक्रवार सुबह झाड़ियों में एक नवजात बच्ची मिलने से सनसनी फैल गई। कोई एक दिन की बेटी को झाड़ियों में फेंककर चला गया।
थाना लाखनमाजरा पुलिस ने बच्ची को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में दाखिल करवाया और यहां से प्राथमिक इलाज के बाद उसे पीजीआई भेज दिया गया। बच्ची पीजीआई में डॉक्टरों की देखरेख में है और उसकी हालत सही बताई जा रही है। पुलिस ने अज्ञात महिला के खिलाफ केस दर्ज किया है। सच जो भी हो, लेकिन इतना जरूर है कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के नारे को जन-जन तक पहुंचाने के लिए अभी और मशक्कत करनी होगी। बच्ची को ग्रामीणों ने झाड़ियों में पड़ा देखा था।
परिजनों को नहीं आई दया पर कुत्तों ने बख्श दी जान
नन्ही जान को पैदा होते ही परिजनों ने तो ठुकरा दिया, लेकिन आवारा कुत्तों ने शायद मोह में बच्ची की जान बख्श दी। मां ने पैदा तो किया, लेकिन बच्ची को जिंदगी उसे भगवान ने दी और वह कुत्तों से बच गई और उसे बचाने के लिए भी किसी को भेज दिया। ग्रामीणों ने तुरंत ही इसकी सूचना पुलिस को दी। थाना प्रभारी नवीन जाखड़ ने बताया कि झाड़ियों में पड़ी मिली बच्ची एक दिन की ही है।
अस्पतालों में होगी जांच, रजिस्ट्रेशन भी जांचेंगे
आंगनबाड़ी, पीएचसी, सीएचसी और दूसरी जगह गर्भवती महिलाओं को पंजीकरण करवाया जाता है। प्रशासन आस पास के गांवों में पंजीकृत गर्भवती महिलाओं का डाटा जांच कर उक्त मां तक पहुंच सकता है। पुलिस का कहना है कि आसपास के सभी निजी और सरकारी अस्पतालों में जांच की जाएगी।
बाहरी आदमी भी फेंक सकता है रोड पर
ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि कहीं रोहतक-जींद रोड पर आने वाले एंबुलेंस या अन्य निजी वाहन से बच्ची को फेंका गया हो। रोहतक पीजीआई या अन्य अस्पताल में जाने वाले या जींद की तरफ से आने वाले वाहन से भी फेंका जा सकता है। हर पहलू की जांच होनी चाहिए। आशंका है कि महिला आसपास के इलाके जैसे जुलाना और गोहाना से भी हो सकती है। यहां गर्भवती महिलाओं के बारे में जानकारी ली जाए।
पता लगाया जा रहा है
पीएचसी लाखनमाजरा के मुख्य चिकित्सक ने बताया कि क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण किया गया है। हम इसका पता लगाएंगे कि इस महीने में किस-किस महिला की डिलीवरी होनी थी। स्वास्थ्य कर्मियों व अन्य के साथ मिलकर महिला का पता लगाने के लिए गांव-गांव जाया जाएगा।