जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान फरवरी 2016 में हरियाणा के रोहतक में महम थाने में लूटपाट के केस की सोमवार को एएसजे आरके यादव की अदालत में सुनवाई हुई। अदालत ने गैर हाजिर रहने वाले दो आरोपियों की जमानत खारिज कर दी और गैर जमानती वारंट जारी किए हैं। साथ ही जमानत लेने वालों को भी नोटिस जारी किया है। अब मामले की अगली सुनवाई 4 मई को होगी।
इससे पहले आरोपियों की तरफ से वकीलों ने कोर्ट में हाजिरी माफी की अर्जी दाखिल की गई थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया। अदालत ने अपने आदेश में साफ किया है कि हाजिरी माफी की अर्जी के साथ किसी तरह का मेडिकल प्रमाण पत्र नहीं लगाया गया था।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक दर्ज एफआईआर में आरोप लगाए गए हैं कि 20 फरवरी 2016 को जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान कानून व्यवस्था की ड्यूटी के चलते महम थाने की फोर्स रोहतक गई हुई थी। पौने 11 बजे के करीब दो-तीन हजार लोग हाथों में तेल की कैनी, लाठी, डंडे, गंड़ासी व हॉकी लेकर थाने के अंदर तेजी से घुस आए।
मौजूद पुलिस कर्मियों ने उनको समझाने का प्रयास किया, लेकिन हजारों लोगों ने थाने केे चारों तरफ से घेर लिया। थाने में कर्मचारी कम होने के कारण पुलिस भीड़ को रोक नहीं सकी। देखते ही देखते थाने में आग लगा दी गई। सेफ का ताला तोड़कर डाकखाने की राशि, टिकटें लूट ली गई।
थाने के अंदर खड़ी बाइक व 50 साल तक के रिकॉर्ड में आग लगा दी गई। पुलिस वाहनों के अलावा थाने का ज्यादातर रिकॉर्ड जलकर नष्ट हो गया। भीड़ ने गाड़ियों के शीशे भी तोड़ दिए। मौजूद कर्मचारियों की वर्दी फाड़ दी गई। उग्र भीड़ जाते-जाते मालखाना में रखे हथियारों व अन्य सामान को लूट कर ले गई।