जाट आरक्षण के दौरान हुए दंगे में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के लिए इस महीने के आखिरी में कार्रवाई तय है। दंगों की जांच कर रही प्रकाश सिंह कमेटी अपनी रिपोर्ट को इस महीने के आखिरी में सरकार को सौंपेगी। हालांकि कमेटी को यह रिपोर्ट 45 दिन के अंदर सौंपनी थी, लेकिन उस पर समय बढ़वा लिया गया है। वहीं सरकार को भी रिपार्ट का इंतजार है ताकि लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई की जा सके।
जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान आगजनी, लूटपाट और तोड़फोड़ को रोकने में नाकाम रहे अधिकारियों पर लापरवाही पर आरोप लगे। इसके लिए यूपी के डीजीपी रहे प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में बनाई गई कमेटी ने अफसरों की लापरवाही की जांच शुरू कर दी। प्रकाश सिंह कमेटी ने 2 मार्च को जांच शुरू की थी।
उनको 45 दिन के अंदर अपनी जांच रिपोर्ट देनी थी, जिससे यह लग रहा था कि वह इस सप्ताह में अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप देंगे। लेकिन जांच के दौरान कई अन्य पहलू सामने आने के कारण उन पहलुओं को शामिल कर जांच रिपोर्ट इस महीने के आखिर में सौंपी जाएगी। कमेटी के अध्यक्ष प्रकाश सिंह कहते हैं कि रिपोर्ट को फाइनल टच दिया जा रहा है और उसे इस महीने के आखिर तक हर हाल में सरकार को सौंप दिया जाएगा। वहीं सरकार भी उस रिपोर्ट के आधार पर लापरवाह अफसरों पर कार्रवाई करने के लिए तैयार बैठी है। वहीं जांच में सामने आया है कि दंगों के दौरान बड़े अधिकारियों ने लापरवाही बरतते हुए छोटों को आगे कर दिया। जिससे हिंसा को नहीं रोका जा सका।
हम रिपोर्ट को लगभग तैयार कर चुके हैं और उसे फाइनल टच दिया जा रहा है। उस रिपोर्ट को पूरी करके इस महीने के आखिर में सरकार को सौंप दिया जाएगा। उस पर किस तरह का एक्शन लेना है, यह सरकार को तय करना है।
प्रकाश सिंह, पूर्व डीजीपी
दंगों के दौरान जिन अधिकारियों की लापरवाही सामने आई है, उन पर पहले भी कार्रवाई की गई है। अब प्रकाश सिंह कमेटी की जांच रिपोर्ट मिलने पर उसको देखा जाएगा और जिन अधिकारियों की लापरवाही सामने आएगी, उन पर कार्रवाई जरूरी होगी।
सुभाष बराला, प्रदेशाध्यक्ष, भाजपा