सीबीआई को कल जवाब देना है। दो आरोपी सुनवाई से गैरहाजिर हैं। पंचकूला की विशेष अदालत में नहीं पहुंचा तो गैर हाजिरी से गवाही प्रक्रिया अटकी है। बचाव पक्ष के वकील बोले कि हाईकोर्ट ने छह माह में केस का फैसला करने की हिदायत दी हुई है। 2016 में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हिंसा हुई थी।
रोहतक में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान पूर्व वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु की कोठी जलाने के केस में आरोपी खिड़वाली निवासी धर्मेंद्र हुड्डा के गिरफ्तारी वारंट जारी हुए हैं, क्योंकि हुड्डा पिछली दो सुनवाई के दौरान अदालत में पेश नहीं हुए। सीबीआई को कल अदालत में गिरफ्तार वारंट को लेकर कार्रवाई रिपोर्ट देनी है।
विज्ञापन
बचाव पक्ष के वकील जितेंद्र हुड्डा ने बताया कि सीबीआई ने रोहित की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की थी। आरोप है कि फरवरी 2016 में दोपहर करीब 3:30 बजे भीड़ लाठी, तलवार और पेट्रोल बम से लैस होकर दिल्ली बाईपास की ओर से कैप्टन अभिमन्यु की कोठी की ओर आए और जबरन घर में घुस गए। घर के अंदर खड़े वाहनों को आग लगा दी।
घर में आग लगाकर सारा सामान लूट लिया, साथ ही घर में मौजूद लोगों को मारने के इरादे से पेट्रोल बम फेंके। इससे कोठी में करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ था। इस मामले की पहले जांच पुलिस कर रही थी, बाद में केस को सीबीआई को सौंप दिया गया। वकील ने बताया कि केस में 59 आरोपी हैं, जिसमें जाट नेता अशोक बल्हारा, राहुल दादू, मनोज दूहन, जगपाल उर्फ जग्गा, धर्मेंद्र हुड्डा सहित अन्य आरोपी भी नामजद हैं।
विज्ञापन
हाईकोर्ट ने सीबीआई की विशेष अदालत को हिदायत दी थी कि केस का छह माह में निपटारा किया जाए। ऐसे में सीबीआई कोर्ट हर सप्ताह केस की सुनवाई कर रही है। केस में 141 से ज्यादा गवाह हैं। पिछली दो सुनवाई के दौरान आरोपी धर्मेंद्र हुड्डा कोर्ट में पेश नहीं हुए। ऐसे में अदालत ने आरोपी के गिरफ्तारी वारंट जारी किए थे, लेकिन हुड्डा पेश नहीं हुए। ऐसे में अदालत ने दोबारा वारंट जारी किए हैं। अब मामले की 16 को सुनवाई है। -एडवोकेट जितेंद्र हुड्डा, वकील बचाव पक्ष