एएसजे डॉक्टर गगनगीत कौर की अदालत ने फैसला दिया है। 2019 में महिला की मौत हुई थी, नशे के लिए पैसे मांगने का आरोप था। झज्जर जिले के एक व्यक्ति ने नौ सितंबर 2019 को सदर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।
हरियाणा के रोहतक में अदालत ने नाबालिग बेटी की गवाही पर जिले के एक गांव के व्यक्ति को पत्नी को आत्महत्या के लिए मजबूर करने का शुक्रवार को दोषी करार दिया है। छह मार्च को दोषी को सजा सुनाई जाएगी। पीड़ित पक्ष के वकील ने बताया कि झज्जर जिले के एक व्यक्ति ने वर्ष 2019 में सदर थाने में शिकायत दी थी कि उसने अपनी बेटी का विवाह वर्ष 2000 में रोहतक जिले के एक गांव के युवक के साथ किया था।
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उसकी बेटी के तीन बच्चे हैं। दो लड़की व एक लड़का है। उसकी बेटी को उसका पति अक्सर मारपीट करके परेशान करता था। नौ सितंबर 2019 को उसकी बेटी का फोन आया। उसने बताया कि वह अब पति के जुल्मों से तंग आ चुकी है। इस पर उसने अपनी बेटी को समझाया कि वह जल्द गांव पहुंच रहा है।
वह गांव पहुंचा तो पाया कि उसकी बेटी ने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया था। उसका पति उसे पीजीआई में छोड़कर फरार हो गया था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पत्नी को आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस दर्ज किया था। जांच के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया था।
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16 साल की बेटी ने दी गवाही, पापा करते थे मां से मारपीट
पीड़ित पक्ष के वकील सुशील पांचाल ने बताया कि केस में मृतका की 16 साल की बेटी की अदालत में गवाही हुई। उसका पिता नशा करता था। इसके लिए मां से पैसे मांगता था। साथ ही नाना के घर से पैसे लाने के लिए कहता था। मना करने पर मारपीट की जाती। जिस दिन उसकी मां ने जहरीले पदार्थ का सेवन किया उस दिन भी पिता ने मारपीट की थी। अदालत ने गवाही को अहम मानते हुए आरोपी को दोषी करार दिया है।