पुलिस की गिरफ्त में आरोपी।
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फुटेज से लगा सुराग, हाव-भाव नहीं छुपा सके आरोपी
पुलिस को सीसीटीवी कैमरे से फुटेज मिली थी, जिसमें तीन नकाबपोश युवक दिखाई दे रहे थे। उन्होंने अच्छी तरह से अपने चेहरे छिपा रखे थे। पुलिस ने उनकी उम्र व कद-काठी के आधार पर शनाख्त करने का प्रयास किया। सबसे पहले भाली गांव में पता लगाने का प्रयास किया कि कौन ऐसा युवक है।
सूत्रों का कहना है कि पुलिस को पता चला कि भाली के तीन युवक जेल से कई माह पहले जमानत पर आए थे। मृतका परवीन का देवर मोहित भी जेल में बंद है। इस दृष्टिकोण से पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई। इसके बाद भाली निवासी अमित उर्फ मीता, सूरज उर्फ दांगी व विकास उर्फ विक्की को धर दबोचा। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि मोहित ने परवीन की हत्या के लिए उन्हें 50 लाख की सुपारी दी थी।
पुराना आपराधिक रिकार्ड है आरोपियों का
एएसपी ने बताया कि हत्या के आरोप में गिरफ्तार तीनों आरोपियों को पुराना आपराधिक रिकार्ड है, जिसमें आरोपी अमित उर्फ मीता पर मारपीट व हत्या के दो मामले दर्ज है। जबकि आरोपी सूरज उर्फ दांगी पर हत्या का एक मामला दर्ज है और आरोपी विकास उर्फ विक्की पर मारपीट व राजस्थान में एटीएम मशीन उखाड़ने का मामला दर्ज है। आरोपी पुराने केसों के चलते जेल में बंद थे और पांच-छह माह पहले ही जमानत पर जेल से बाहर आए थे।
देवर को प्रोडक्शन वारंट पर लाएगी पुलिस
पुलिस के मुताबिक परवीन का देवर मोहित जेल में बंद है। परवीन व उसके देवर मोहित की आपस में रंजिश चली आ रही है। मोहित ने जेल के अंदर से ही परवीन की हत्या की योजना बनाई। मोहित ने अपने गांव के अमित, सूरज व विकास से संपर्क किया। मोहित के कहने पर तीनों ने मिलकर हत्या की वारदात को अंजाम दिया।
मोहित ने आरोपियों को हत्या करने के लिए 50 लाख रुपये देने की बात कही थी। पैसे हत्या के बाद देने थे। हत्या के लिए आरोपियों ने उत्तर प्रदेश से अवैध हथियार खरीदे। पुलिस ने आरोपियों से वारदात में प्रयोग तीन अवैध हथियार व तीन कारतूस बरामद कर लिए हैं।