महिला स्नेचिंग से संबंधित फाइल
आरोपियों को पकड़ने के लिए महिला जिन जगहों से गुजरी, वहां पर चार स्थानों पर तैनात रहती है पुलिस, चिल्लाती रही महिला
ढाई किलोमीटर तक आरोपियों को पकड़ने के लिए शोर मचाती रही महिला, किसी ने भी आरोपियों को पकड़वाने में नहीं किया सहयोग
-रोहतक पुलिस की कार्य प्रणाली भी सवालों के घेरे में
महबूब अली
रोहतक।
मान सरोवर कालानाी निवासी महिला ने भले ही रविवार को स्नेचिंग करने वाले दोनों बाइक सवारों को पकड़ने का पूरा प्रयास किया हो मगर इस घटना ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी। महिला आरोपियों को पकड़ने के लिए अकेले ही स्कूटी पर पकड़ने के लिए उन्हें दौड़ पड़ी। हालांकि सफलता हाथ नहीं लग सकी। ढाई किलोमीटर में चार स्थानों पर पुलिस तैनात रहती है। मगर महिला खुद पीछा करने के साथ चिल्लाती रही मगर पुलिस या फिर लोगों ने आरोपियों को पकड़ना तक मुनासिब नहीं समझा। जिसके कारण आरोपी भागने में भी सफल रहे।
महिला ममता ने प्राइवेट अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान आपबीती सुनाते हुए कहा कि उसके साथ मान सरोवर कालोनी में बाइक सवारों ने स्नेचिंग की घटना को अंजाम दिया था। वह खुद ही स्कूटी पर सवार होकर बदमाशों को पकड़ने के लिए दौड़ पड़ी। बदमाश सोनीपत रोड़ के अलावा अंबेडकर चौक, सुभाष चौक, सिविल लाइन थाना, महिला थाना, पीजीआई चौक से होते हुए छोटू राम चोक पर जा पहुंचा। जहां पर उसने पकड़ने के लिए बदमाशों की बाइक में भी जोरदार टक्कर मारी, मगर बदमाशों ने उल्टे उसी की बाइक में टक्कर मारकर उसे गिरा दिया। वह बाइक पर आरोपियेां को पकड़ने के दौरान बदमाशों को पकड़ो, बदमाशों को पकड़ो चिल्ला रही थी। आरोप हे कि मगर पुलिस से लेकर आम लोगों तक ने आरोपियों को पकड़ना मुनासिब नहंी समझा। खास बात यह है कि हर समय पीजीआई चौक के अलावा सुभाष चौक, सोनीपत रोड, सिविल लाइन थाने के पास पुलिस तैनात रहती है। बावजूद इसके कैसे आरोपी घटना को अंजाम देने के बाद फरार हो गए। हर किसी के दिमाग में यह सवाल घर कर रहा है। आखिर बार बार चिल्लाने के बाद भी लोगों ने आरोपियों को क्यों नहीं पकड़ा। हालांकि पुलिस अधिकारियो ंने मामले की जांच कराने की बात कहंी है।
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हम तो राहगिरी कार्यक्रम में व्यस्त थे
इस संबंध मे ंअमर उजाला ने पीजीआई , सोनीपत रोड पर तैनात कुछ पुलिसकर्मियों से बात करने का प्रयास किया। पुलिककर्मियों ने बताया कि घटना के समय वह राहगिरी कार्यक्रम में व्यस्त थै। वरना आरोपियों को हर हाल में पकड़ लिया जाता। राहगिरी कार्यक्रम के बाद पुलिस ट्रैफिक संचालक सुचारु करने में व्यस्त हो गई थी।
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