इनका 500 का इनाम, उनकी जिंदगी का दांव
प्रीतम सिंह
रेवाड़ी।
सड़कों पर तेजी से दौड़ते डंपरों के पीछे ड्राइवरों का 500 रुपये का लालच होता है। यह लालच सड़क पर राहगीरों की जान ले लेता है। डंपरों को गंतव्य पर बिना चालान कटवाए समय पर पहुंचने पर 500 रुपये इनाम दिए जाते हैं। यह काम का हिस्सा है। जानकारी के अनुसार हरियाणा में खनन पर रोक के बाद राजस्थान और नारनौल के दुल्हेड़ा व गंगूथाना से अवैध रूप से खनन कर पत्थर और बजरी इन डंपरों में लाए जा रहे हैं। यहां से विभिन्न रास्तों से होकर ये दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल, नूंह और नोएडा को निकलते हैं। इसके लिए इन्हें रेवाड़ी केे ही तीन थानों की सीमाओं से होकर गुजरना पड़ता है। इन डंपरों को पहुंचाने के लिए नंबर गेम भी होता है। जो डंपर चालक बिना जुर्माना दिए समय पर अपने डंपर को पहुंचाता है उसे 500 रुपये इनाम के रूप में दिए जाते हैं। एक डंपर चालक ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि रास्ते में कई जगह पुलिस के नाके मिलते हैं। अगर पुलिस की आंखों में धूल झोंककर डंपर निकालने में कामयाब होते हैं तो डंपर मालिक इनाम देता है। अन्य डंपर चालकों को भी इसके लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
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ओवरलोड होते हैं अधिकतर डंपर
ये डंपर अधिकांश ओवरलोड होते हैं। इसके लिए परिवहन निगम ने हर ट्रक का अलग से वजन निर्धारित किया हुआ है। इसमें मॉडल नंबर 2518 के लिए 25 टन, 3118 के लिए 31 टन, 3718 के लिए 37 टन और 4923 के लिए 49 टन वजन निर्धारित है। इससे अधिक वजन पर वह ओवरलोड की श्रेणी में आता है। पैसों के लालच में अधिकांश डंपर ओवरलोड होकर ही चलते हैं।
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बिना परिचालक के चलते डंपर
सूत्रों ने बताया कि अधिकांश डंपरों में परिचालक नहीं होता। डंपर केवल एक चालक के भरोसे चलता है। चालक भी कम उम्र के होते हैं। बल्कि जांच की जाए तो इनके लाइसेेंस भी बाहरी राज्यों से बने मिलते हैं। जो पैसे के लालच में डंपर चलाते हैं।