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नेफ्रोलॉजी विभाग के स्टिंग का फालोअप

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नेफ्रोलॉजी के गड़बड़ झाले पर स्वास्थ्य मंत्री ने कसा शिकंजा तो हरकत में आया प्रशासन
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- कुलपति प्रोफेसर कालरा ने ने विभागाध्यक्ष डॉ. अमित मान से मांगा जवाब
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
पीजीआईएमएस के नेफ्रोलॉजी विभाग में डायलिसिस के नाम पर मरीजों के साथ हो रही लूट के मामले पर स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने शिकंजा कसा तो अब प्रशासन हरकत में आया है। कुलपति प्रोफेसर ओपी कालरा ने नेफ्रोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अमित मान से इस मामले पर रिपोर्ट मांगी है। यह रिपोर्ट सोमवार को विभागाध्यक्ष को जमा करानी है।
लाला श्याम लाल अति विशिष्ट चिकित्सा केंद्र स्थित नेफ्रोलॉजी विभाग में अमर उजाला ने स्टिंग आपरेशन कर लूट की छूट का खुलासा किया था। इसके बाद आंखें मूंद कर बैठे अधिकारियों को सूबे के स्वास्थ्य मंत्री ने जब जगाया तो इस मामले पर जांच बैठना अब यहां के अधिकारियों की मजबूरी हो गया है। सूत्रों की मानें तो नेफ्रोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अमित मान और संस्थान के अन्य डॉक्टरों की पहले ही इस मुद्दे पर खींचतान चल रही है। स्वयं डॉ. मान भी इसका विरोध कर चुके हैं, लेकिन अधिकारी प्रभाव के दम पर शिकायत को दबा देते हैं। सूत्र दावा करते हैं कि विभाग में गड़बड़ी करने वाले व्यक्ति को वार्ड में धमकाया भी जा चुका है, लेकिन कुछ अधिकारियों की सह पर यह काला खेल जारी रहता है। वर्तमान में स्थिति यह है कि डायलिसिस यूनिट को नेफ्रोलॉजी विभाग से ही अलग किया गया है। वार्ड 28 और 34 के बीच एक दीवार बनवाई गई है, इसके माध्यम से नेफ्रोलॉजी वार्ड और डायलिसिस यूनिट को अलग कर दिया गया है। जबकि दूसरा पक्ष लगातार नेफ्रोलॉजी विभाग के डॉक्टरों पर नियमों को ताक पर रख कर कार्य करने का आरोप लगाता रहता है।
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बोले विभागाध्यक्ष
नेफ्रोलॉजी विभाग के संबंध में प्रकाशित समाचार पर कुलपति ने जवाब मांगा है। तथ्य सहित सारी जानकारी अधिकारी को भेज दी जाएगी। इस मामले में आधिकारिक बयान कुलपति ही देंगे।
- डॉ. अमित मान, विभागाध्यक्ष, नेफ्रोलॉजी विभाग, पीजीआईएमएस
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