पिता ने दो साथियों के साथ मिलकर की पुत्र की हत्या, फरार
- धारदार हथियारों से हमला कर दिया वारदात को अंजाम, हाईस्कूल में पढ़ता था बेटा
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
सदर थाना क्षेत्र के समर गोपालपुर गांव में शनिवार रात पिता ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर बेटे की धारदार हथियारों से हत्या कर दी। हत्या से पहले दोनों में मारपीट भी हुई। बेटे के सिर में चोट भी मिली है। वारदात की जानकारी मिलने के बाद पुलिस व एफएसएल की टीम मौके पर पहुंची। मृतक की मां की तहरीर पर पिता समेत तीन के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
समर गोपालपुर गांव निवासी तेजपाल का 15 वर्षीय पुत्र धर्म उर्फ मोंटी पास के ही एक स्कूल में हाईस्कूल का छात्र है। मोंटी की मां सुशीला देवी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि मोंटी देर रात घर में ही बैठा हुआ था। उसका पति तेजपाल सिंह भी अपने दो साथियों के साथ वहां बैठा था। इस दौरान किसी बात को लेकर पिता व पुत्र में मारपीट हुई। इस दौरान मोटीं के सिर में चोटें भी आयी हैं। पास में ही रखे धारदार हथियार से पिता ने उसके गले पार वार किया। जिससे उसक ी मौके पर ही मौत हो गई। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी पिता व अन्य मौके से फरार हो गए। मामले की सूचना पाते ही पुलिस व एफएसएल की टीम डाक्टर सरोज दहिया के नेतृत्व में मौके पर पहुंची तथा जांच पड़ताल की। शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। सुशीला की तहरीर पर उसके पति तेजपाल व उसके दो साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। खबर लिखे जाने तक आरोपी हत्थे नही चढ़ सके थे।
पत्नी के बयान पर पति व दो अन्य पर बेटे की हत्या का मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। वारदात के बाद से आरोपी पिता फरार है। पुलिस छापेमारी कर रही है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर वारदात का खुलासा किया जाएगा।
-नारायण दास, डीएसपी, सदर
छात्र की हत्या से मचा हड़कंप
देर रात समर गोपाल गांव में छात्र की हत्या से ग्रामीणों में भी हड़कंप मच गया। काफी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे। पुलिस ने कई ग्रामीणों के भी बयान दर्ज किए गए हैं। दहशत के चलते कई ग्रामीण तो मौके पर जाने तक की हिम्मत नहीं जुटा पाए।
परिवार में इकलौता था मोंटी
पुलिस के अनुसार मोंटी परिवार में इकलौता लड़का था। उसकी एक बहन पास के ही स्कूल में कक्षा 12 में पढ़ती है। मोंटी की मौत के बाद मां व बहन का भी रो-रोकर बुरा हाल था। मोहल्ले के लोग पीड़ित परिवार को सांत्वना देने में लगे हुए थे। वारदात के समय वह घर पर नहीं थी।