गैस एजेंसी का लाइसेंस दिलाने के नाम पर शातिरों ने व्यापारी से 78 लाख रुपये ठग लिए। आरोपियों ने कभी लाइसेंस तो कभी सिलेंडर की बुकिंग के नाम पर व्यापारी से धोखाधड़ी की। इस संबंध सिटी थाना पुलिस ने प्राची गैस बोटलिंग प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी के निदेशक राकेश वर्मा, दिलीप वर्मा, पवन वर्मा, विजय वर्मा, रमेश पांडे और कर्मचारी अजय तिवारी, अजीत सिंह, रूपनारायण शाह और दीपक चौधरी के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
सूत्रों की मानें तो आरोपियों को जयपुर में पकड़ लिया गया है। स्थानीय पुलिस ने जयपुर पुलिस से संपर्क किया है। आरोपियों ने राजस्थान के कई इलाकों में ठगी की है।
तिलक नगर निवासी व्यापारी सुनील खत्री ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि कुछ समय पहले उनके पास कारोबार के संबंध में पांच लोग आए थे। इनमें प्राची गैस बोलटिंग प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक राकेश वर्मा, दिलीप वर्मा, पवन वर्मा, विजय वर्मा और रमेश पांडे शामिल थे।
आरोपियों के साथ उनकी कंपनी के कर्मचारी भी थे। आरोपियों ने खत्री से कहा कि उन्होंने हाल ही में जींद रोड पर गैस कारोबार से जुड़ी एक कंपनी शुरू की है। मगर शहर में जान-पहचान नहीं होने के कारण उन्हें काफी समय से एक ऐसे व्यक्ति की तलाश है जिसे गैंस एजेंसी का लाइसेंस दिया जा सके। आरोपियों ने एजेंसी का लाइसेंस देने का झांसा देकर खत्री को भरोसे में ले लिया।
यूं शुरू हुआ पैसे हड़पने का खेलसुनील खत्री को विश्वास में लेने के बाद आरोपियों ने कहा कि वह रोहतक के बाजार में भारती नाम से सिलेंडर को बिक्री करेंगे। इसके बाद खत्री से सिक्योरिटी के नाम पर आठ लाख रुपये हड़प लिए। आरोपियों ने खत्री को शिव शक्ति गैस एजेंसी के नाम से एक एजेंसी भी जारी कर दी। इसके लाइसेंस के नाम पर दो लाख रुपये ले लिए। इसके बाद सिलेंडर बुक करने के एवज में 12 लाख रुपये ठग लिए। इसी काम के लिए फिर नौ लाख रुपये लिए। इसी तरह से आरोपियों ने बहाने बनाकर करीब 73 लाख रुपये हड़प लिए।
यूं हुआ खुलासासुनील खत्री ने एजेंसी के अधिकारियों को करीब 73 लाख रुपये दे दिए, इसके बाद भी आरोपी प्रतिदिन दिलासा देते रहे। करीब 15 दिन पहले कंपनी के निदेशक से लेकर उसके सभी कर्मचारी अचानक फरार हो गए। जब खत्री ने उनके मोबाइल पर कॉल की तो नंबर बंद मिले। खत्री ने थाने में शिकायत दी। अब पुलिस के सामने समस्या यह है कि उनके पास आरोपियों के ठिकानों की जानकारी नहीं है। आरोपियों ने खत्री को भी नहीं बताया था कि वह कहां से आए हैं और उनका घर कहां पर है।
प्रदेश भर में फै ला रखा का ठगी का धंधाआरोपियों ने केवल रोहतक में ही नहीं बल्कि प्रदेश भर में जाल फै ला रखा था। पीड़ित सुनील खत्री ने बताया कि आरोपियों ने कंपनी के नाम से प्रदेश के कई जिलों में ऑफिस खोल रखे थे। चंडीगढ़ में मुख्य कार्यालय था। आरोपियों ने खत्री को बताया था कि उनका गैस प्लांट ग्वालियर में है जबकि मुख्यालय मुंबई में है। एक ऐसा ही मामला कैथल में भी दर्ज किया गया है।
--------- केस दर्ज किया, कर रहे जांचमामले में जांच अधिकारी एसआई कप्तान सिंह का कहना है कि फिलहाल केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी गई है। अभी तक मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।