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पीजीआई कर्मचारी

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ओपीडी से दो साल पहले दवा चुराने के मामले में गवाह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत
- पत्नी को इस्माइला स्थित मकान में पड़ा मिला पीजीआई के पूर्व सफाई कर्मचारी का शव
- सफाई कर्मचारी ममता ने पति की मौत के लिए पीजीआई के डीएमएस व फार्मासिस्ट को ठहराया जिम्मेदार, बोली, गवाही के दबाव में दी जान
- कोर्ट में विचाराधीन दवा चोरी मामले में मंगलवार को होनी थी सुनवाई
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक
पीजीआई की ओपीडी से करीब दो साल पहले चोरी हुई दवाओं के मामले में गवाह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मंगलवार सुबह शव इस्माइला स्थित उसके पुराने घर में पड़ा मिला। दवा चोरी का मामला सामने आने के बाद से सफाई कर्मचारी संजय पीजीआई में नौकरी नहीं कर रहा था। उसकी सफाई कर्मचारी पत्नी ममता ने पीजीआई के डीएमएस व फार्मासिस्टम पर आत्महत्या के लिए विवश करने का आरोप लगाया है। वे उस पर झूठी गवाही को लेकर दबाव बना रहे थे। उसे अदालत में दवाओं की पेटी नहीं ले जाने की बात कहनी थी। पुलिस ने ने महिला की शिकायत पर दोनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
मानसिक रूप से परेशान था संजय
इस्माइला निवासी ममता ने बताया कि वह पिछले काफी समय से पति संजय व दो बेटों के साथ एकता कालोनी में किराए के मकान में रह रही है। पति संजय दो साल पहले पीजीआई में अनुबंध के आधार पर सफाई कर्मचारी लगा हुआ था। ड्यूटी के दौरान पीजीआई रोहतक में दवाओं के संबंध में फार्मासिस्ट प्रेम पर धोखे से दवा बेचने का केस दर्ज हुआ है। इस केस में प्रेम ने दबाव डालकर संजय को गवाह बनाया है। इससे संजय मानसिक रूप से परेशान था।
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रविवार दोपहर से गायब था संजय
ममता का आरोप है कि डीएमएस डॉ. बिजेंद्र ढिल्लो व फार्मासिस्ट प्रेम ने तीन जून को उसे बातचीत के लिए बुलाया था। यहां वह अपने पति संजय व बेटे गोपी कुमार के साथ गई थी। पीजीआई के कमरा नंबर 103 में बातचीत के बाद हम घर लौट गए। दोपहर को खाना खाने के बाद सभी सो गए। दोपहर बाद उठे तो संजय नजर नहीं आया। रात को भी घर नहीं लौटा तो सोमवार सुबह फार्मासिस्ट अशोक से बात की। उसने पुलिस में रिपोर्ट देने से मना करते हुए कहा कि किसी ने होटल में खिला पिला कर बंद कर दिया होगा। आ जाएगा। मंगलवार सुबह उसकी गुमशुदगी के लिए परिवार को इस्माइल से लेकर थाने जाना था। इसके लिए इस्माला वाले पुराने घर गए। यहां दरवाजा खोलते ही संजय पड़ा मिला। बाद में पता लगा कि वह दम तोड़ चुका है।
प्रेम में हक में गवाही दे दो, बेटों को नौकरी लगवा देंगे
पुलिस को दी शिकायत में ममता ने कहा है कि डीएमएस डॉ. बिजेंद्र ढिल्लो व फार्मासिस्ट प्रेम ने संजय से कहा कि तुम हमारी गवाही दे दो। प्रेम अच्छा आदमी है। इसके हक में गवाही दे दो। आपके दोनों लडकों और आपको पीजीआई में नौकरी लगावा देंगे। संजय ने प्रेम के हक में गवाही देने की हां भर ली। गवाही नहीं देने पर दोनों ने उसे जान से मारने की धमकी दी। इन दोनों के दबाव से तंग आकर संजय ने अपनी जान दी है। इनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। इस पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दोनों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
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पीजीआई में लाश पर भी हो रही राजनीति
राजनीति का पर्याय बने पीजीआई में अब जिंदा ही नहीं, मुर्दों पर भी राजनीति शुरू हो गई है। संस्थान के एक पूर्व अधिकारी का नाम भी इससे सीधे तौर पर जुड़ रहा है। अधिकारियों की आपसी टशन में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की मौत को भुनाया जा रहा है। पूर्व अधिकारी पर अब तक भारी पड़ रहे डीएमएस व फार्मासिस्ट की जोड़ी फिलहाल खतरे में नजर आ रही है। इस मामले को संस्थान के कुछ मौजूदा अधिकारियों की शह पर खेले जाने के कयास लगाए जा रहे हैं।
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