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अमर उजाला खास यूपी, बिहार के लोग हरियाणा में मजदूर बनकर दे रहे वारदातों को अंजाम

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हरियाणा में मजदूर बनकर वारदात कर रहे यूपी-बिहार के बदमाश
- जीआरपी की रिपोर्ट से हुआ खुलासा, दो साल में 18 वारदात खोलीं, 12 आरोपी यूपी-बिहार के

महबूब अली
रोहतक।
यूपी, बिहार के बदमाश हरियाणा के विभिन्न स्थानों पर चोरी से लेकर लूट व अन्य वारदात को अंजाम दे रहे हैं। यह हम नहीं जीआरपी की तैयार कराई गई रिपोर्ट कह रही है। जीआरपी दो साल में ऐसे 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भिजवा चुकी है। साथ ही हरियाणा के विभिन्न स्थानों पर बसे संदिग्ध लोगों पर नजर रखी जा रही है।

केस नंबर-1
बिहार के पटना निवासी सुनील को एक माह पूर्व ही जीआरपी ने रोहतक रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया था। आरोपी ने यात्री से लूटपाट की थी। सुनील पर तीन मामले लूट के दर्ज थे। आरोपी को जेल भेज दिया गया था। आरोपी रोहतक में ही मिठाई की दुकान पर कार्य करता था।
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केस नंबर-दो
जनता कॉलोनी निवासी दीपक से 9 मार्च को लूट करने के मामले में यूपी के बुलंदशहर निवासी मनीष को गिरफ्तार किया था। जिस पर छह मामले दर्ज थे। आरोपी रेलवे रोड पर मजदूरी करता था। मजदूरी की आड़ में वारदात को अंजाम दे रहा था।

केस नंबर-तीन
जीआरपी ने कच्चा बेरी रोड से यूपी के शामली निवासी आसिफ को चोरी के मामले में गिरफ्तार किया था। आरोप है कि वह रोहतक में ही दो साल से मजदूरी की आड़ में वारदातों को अंजाम दे रहा था।

केस नंबर-चार
बिहार के पटना निवासी राजेश को पुलिस ने छह माह पूर्व लूट के मामले में गिरफ्तार किया था। आरोपी पर तीन अन्य मामले भी दर्ज है। आरोपी सोनीपत में रहकर मजदूरी कर रहा था। आरोपी को जेल भेज दिया गया था।

यह चार उदाहरण तो बानगी भर मात्र है। कई ऐसे मामले आ चुके हैं। जिनमें यूपी व बिहार के बदमाश हरियाणा के रोहतक, सोनीपत, पानीपत, कैथल में मजदूरी करने की आड़ में वारदात को अंजाम देते हैं। अकेले जीआरपी ने ही दो साल में 12 बिहार और उत्तर प्रदेश के आरोपियों को पकड़ा है।
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हरियाणा के साथ-साथ यूपी व बिहार के बदमाश भी मजदूर बनकर वारदात को अंजाम देते हैं। ऐसे कई आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया जा चुका है। बाहरी राज्यों से आकर रहने वाले अन्य बदमाशों पर नजर रखी जा रही है। इसका जिम्मा सभी सिपाहियों को सौंपा गया है। ऐसे लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।
- नरेंद्र सिंह, एसएचओ, जीआरपी
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