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35 हजार का वेतन लगता है कम, पत्नी ने गर्म चिमटेे से जलाया

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पत्नी ने गर्म चिमटेे से दागा, पेन से गोदा
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अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। कंप्यूटर टीचर हूं। मेरा 35 हजार रुपये वेतन पत्नी को कम लगता है। पिछले दो महीने से वह लगातार झगड़ा कर रही है। मुझे टॉर्चर करती है।
पिटाई, गर्म चिमटे व पलटे से जलाना, पेन से गोदना उसका रोज का काम है। अब बर्दाश्त नहीं होता। दस दिन से घर से बाहर हूं। यह दर्द एक पत्नी
पीड़ित का है। वीरवार को पीजीआई के ट्रॉमा सेंटर में इलाज के लिए आए 49 वर्षीय कंप्यूटर टीचर का यही कहना है। अमर उजाला संवाददाता को अपने शरीर
पर सैकड़ों घाव दिखाते हुए अपना दर्द साझा किया।
मूल रूप से पश्चिम बंगाल हाल शहर के एक क्षेत्र निवासी शिक्षक ने बताया कि उसकी शादी वर्ष 2000 में हुई थी। उसका बड़ा बेटा 12वीं और छोटा बेटा 7वीं कक्षा में पढ़ता है। दो महीने पहले तक सब ठीक था। बाद में पत्नी ने रोज झगड़ा करना शुरू कर दिया। उसे कई बार समझाया, मगर वह नहीं मानी। उसने 31
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अक्तूबर को तो हद कर दी। मुझे बेलन से पीटा। सिर पर चोट आई। पेन से शरीर गोद डाला। गर्म चिमटे व पलटे से जला दिया। मैं चीखता-चिल्लाता रहा। उसने मेरा पर्स व मोबाइल भी अपने पास रखा है। एटीएम कार्ड भी वही रखती है। वेतन आते ही सारे रुपये निकाल लेती है। बात-बात पर गुस्सा करती है। झगड़ने का बहाना ढूंढती है। बस यही कहती है वेतन कम है। इसे बढ़ाते क्यों नहीं। मैं अपना काम करता हूं। एक टीचर को जितना मिलता है, वही मुझे भी मिल रहा है। वह मानती ही नहीं। अब यहां इलाज के लिए आया हूं।
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ट्रॉमा सेंटर के प्रभारी ने बताया कि शहर से एक व्यक्ति इलाज के लिए आया है। इसका सारा शरीर जगह-जगह से चिमटे-पलटे से जलाया हुआ है। पेन से भी
गोदा हुआ है। इसकी एमएलसी काटकर पीआई रिपोर्ट पुलिस को भेज दी है। इलाज शुरू कर दिया है।
पुराने विद्यार्थी लाए पीजीआई
कंप्यूटर टीचर को इलाज के लिए वीरवार को उसके एक्स स्टूडेंट्स विद्यार्थी लेकर पहुंचे। टीचर ने अपने एक विद्यार्थी से आर्थिक मदद मांगी थी। इस दौरान
उसे अपने टीचर की हालत का पता लगा और इलाज के लिए लाए।
डरी-सहमी हालत में मिले टीचर
एक्स स्टूडेंट्स ने बताया कि पीजीआई आने को तैयार नहीं थे। वे काफी डरे हुए हैं। पत्नी से बचने के लिए पिछले दस दिनों से घर भी नहीं गए हैं।
वे पांच दिन की छुट्टी लेकर कोलकाता गए थे। वहां से 15 दिन में आए। इस कारण नौकरी भी चली गई। संस्थान ने नौकरी से निकाल दिया।
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