फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दहेज हत्या में सैनिक और उसके माता-पिता बरी

विज्ञापन
विज्ञापन
दहेज हत्या में सैनिक और उसके माता-पिता बरी
विज्ञापन


अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। अदालत ने दहेज हत्या के मामले में मृतका के पति सहित उसके सास-ससुर को बरी कर दिया है। तीनों के खिलाफ अदालत में पुख्ता सबूत पेश नहीं हो सके। सीसर खास निवासी महिला की मौत जहर के प्रभाव से हुई थी। मृतका के भाई ने पुलिस को हत्या की शिकायत दी थी।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सोनिका गोयल की अदालत में चले केस के अनुसार 7 जून 2015 को पुलिस को सूचना मिली थी कि सैमाण निवासी मोनिका जहरीला पदार्थ खाने के बाद गंभीर हालत में पीजीआई में भर्ती कराई गई है। ससुराल पक्ष ने महिला को दिल्ली के आर्मी अस्पताल में भर्ती कराया था। यहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी। मामले में मृतका के भाई महम के गांव सीसर खास निवासी पवन ने पुलिस को शिकायत दी थी।
विज्ञापन


इसमें बताया था कि उसकी छोटी बहन मोनिका की शादी 3 फरवरी 2013 को सैमाण के सोनिप के साथ हुई थी। सोनिप सेना में तैनात है। आरोप था कि शादी के कुछ दिन बाद ही सोनिप, उसका पिता हरिओम और उसकी मां रोशनी ने मोनिका को दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। कई बार पंचायती तौर पर फैसला भी हुआ, लेकिन ससुराल पक्ष की हरकत में सुधार नहीं आया। पवन ने बताया था कि उसके पास 7 जून 2015 को किसी ने फोन करके बताया था कि मोनिका की तबियत खराब हो गई है। उसकी बहन ने दम तोड़ने से पहले पति, सास और ससुर पर जबरन जहर पिलाने का आरोप लगाया था।
विज्ञापन


पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर कोर्ट में चालान पेश किया था। महिला के सास-ससुर को जमानत मिल गई थी जबकि सोनिप घटना के बाद से ही जेल में था। आरोपी पक्ष के वकील जितेंद्र हुड्डा ने बताया कि अदालत ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद सोनिप और उसके माता-पिता को निर्दोष मानते हुए बरी कर दिया। वकील जितेंद्र ने कोर्ट में दलील रखी कि मोनिका का पति उपचार के लिए रोहतक से दिल्ली तक अपनी पत्नी के साथ ही रहा। उसने पत्नी को बचाने की हर संभव कोशिश की।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें