फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जरायम

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
नशे के लिए तीन साल में 200 युवाओं ने जरायम की दुनिया में रखा कदम

-चोरी से लेकर लूट और स्नैचिंग की वारदात को दिया अंजाम
-पकड़े जाने के बाद लूट और चोरी के आरोपियों ने नशे के लिए वारदातों को अंजाम देना किया स्वीकार
महबूब अली
रोहतक।
नशे की पूर्ति के लिए युवा जरायम की दुनिया में कदम रख रहे हैं। चोरी से लेकर लूट, स्नैचिंग की वारदात को अंजाम दे रहे हैं। पिछले तीन साल के पुलिस विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो पुलिस ने ऐसे 200 आरोपियों को पकड़ा, जिन्होंने नशे के लिए अपराध करना स्वीकार किया।

केस नंबर-एक
एक माह पूर्व ही पुलिस ने चावला कॉलोनी में रहने वाले बिहार के पटना निवासी संतोष को गिरफ्तार किया। आरोपी के पास से चोरी की बाइक और साइकिल बरामद की गई। आरोपी पर चोरी के विभिन्न थानों में 12 केस दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी ने बताया कि नशे की पूर्ति के लिए वह चोरी करता था।
विज्ञापन


केस नंबर-दो
जून में पुलिस ने करतारपुरा निवासी दर्शन, सिंहपुरा निवासी हरीश, कपिल को चोरी के जेवरात और नकदी के साथ गिरफ्तार किया। आरोपियों ने खुलासा किया कि कई मकानों से चोरी कर चुके थे। वे नशे की पूर्ति के लिए चोरी करते थे। अब तक दस से अधिक वारदात को अंजाम दिया है। चोरी के सामान को बेचकर स्मैक, अफीम आदि खरीदकर नशा करते थे।

केस नंबर-तीन
शीला बाइपास निवासी बलदेव को पुलिस ने गिरफ्तार किया। आरोपी प्रत्येक शनिवार को तेल मांगने के दौरान घरों की रेकी करता था। रात में खाली पड़े मकानों में चोरी करता था। आरोपी ने पुलिस की पूछताछ में स्वीकार किया कि नशे के लिए उसने अपराध की राह चुनी। वह 10 से अधिक वारदात को अंजाम दे चुका है। गिरोह के तीन अन्य सदस्य भी नशा करते हैं।

केस नंबर-4
15 जून को पुलिस ने हुडा सिटी पार्क के पास से सोनीपत के खरखौदा निवासी विपिन को गिरफ्तार किया। आरोपी दसवीं पास था। पूछताछ में बताया कि गलत दोस्तों की संगत में पड़ने के कारण वह नशे का आदी हो गया था। बाद में उसके पास नशा खरीदने के लिए रुपये नहीं थे, जिस पर उसने अपराध का रास्ता चुन लिया।

तीन साल में 200 पकड़े
रोहतक पुलिस ने पिछले तीन साल में 200 ऐसे आरोपियों को पकड़ा है, जिन्होंने नशीले पदार्थ अफीम, स्मैक के लिए ही वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया है। वर्ष 2016 में पुलिस ने ऐसे 60, 2017 में 50 तथा 2018 में अब तक 90 आरोपियों को पकड़ा था।

छात्र भी नशे के चंगुल में
पुलिस के अनुसार बेरोजगार ही नहीं हाईस्कूल, इंटर और बीए पास युवक भी नशे के लिए अपराध कर रहे हैं। तीन साल में 70 हाईस्कूल, 50 इंटर और 15 बीए पास छात्रों को भी पुलिस ने पकड़ा।

हर माह आ रहे नशे के शिकार 400 मरीज
पीजीआईएमएस के चिकित्सकों के अनुसार हर माह ओपीडी में 150 नए जबकि 250 पुराने नशीले पदार्थ के सेवन के मरीज आ रहे हैं। ओपीडी में हर माह 400 मरीज पहुंच रहे हैं। जिसमें ज्यादातर अल्कोहल के हैं। इसके अलावा पचास प्रतिशत से अधिक स्मैक, गांजा, अफीम, हेरोइन का सेवन करने के बाद आने वाले मरीज हैं।

शरीर के साथ परिवार और पैसे का भी नुकसान
राज्य औषधि निर्भरता उपचार केंद्र के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. विनय कुमार का कहना है कि नशीले पदार्थ के सेवन के कारण शरीर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। एक ओर जहां शरीर पूरी तरह से कमजोर हो जाता है। वहीं दूसरी ओर रुपया खर्च होता है। तीसरा पारिवारिक और सामाजिक दृष्टि से नशा करने वालों को घृणा की दृष्टि से देखा जाता है। एक बार लत पड़ने के बाद व्यक्ति बार बार नशे की डिमांड करता है। कई बार नशे की पूर्ति के लिए वारदात को भी अंजाम देने में पीछे नहीं रहता है।

वर्जनऱ्ऱ्ऱ्
नशीले पदार्थों की बिक्त्रस्ी को लेकर पुलिस गंभीर है। सभी जिलों की पुलिस अधीक्षकों को नशे की बिक्त्रस्ी पर अंकुश लगाने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी कीमत पर हरियाणा में नशे की बिक्त्रस्ी नहीं होने दी जाएगी।
-बीएस संधू, डीजीपी

नशीले पदार्थों की बिक्त्रस्ी करने वालों पर शिकंजा कसने को पुलिस पूरी तरह से गंभीर है। सभी थानाध्यक्षों को इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। नशीले पदार्थों की बिक्त्रस्ी नहीं होने दी जाएगी।
विज्ञापन

-जशनदीप सिंह रंधावा, एसपी रोहतक

नशे का सेवन करने वालों को बाद में इसकी लत हो जाती है। उन्हें समय पर नशा न मिले तो बेचैन हो उठते हैं। कई बार नशीले पदार्थों को खरीदने के लिए चोरी से लेकर लूट की वारदातों को अंजाम देते हैं। परिवार के सदस्यों को ऐसे लोगों पर ध्यान रखना चाहिए। काउंसिलिंग कराकर उसे सही रास्ते पर लाने का प्रयास करना चाहिए।
-उमेद सिंह खत्री, रिटायर्ड निरीक्षक
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें