फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रोहतकः तीन शिवालयों से चोरी हो गए शिवलिंग, एक तो 110 साल पुराना था, लोगों में फैला रोष

Mon, 18 Nov 2019 02:02 PM IST
रोहतक ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक
विज्ञापन
फाइल फोटो
विज्ञापन
रोहतक  से करीब 34 किलोमीटर दूर स्थित गांव हसनगढ़ के तीन शिवालयों से 110 साल पुराने शिवलिंग समेत तीन शिवलिंग चोरी होने की घटना ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है। इनमें से एक प्राचीन शिवालय का शिवलिंग है। हालांकि आठ-नौ माह पहले यहां से नंदी की मूर्ति को भी चोरी कर लिया गया था। ग्रामीणों ने शिवालयों से शिवलिंग चोरी होने की शिकायत सांपला थाना पुलिस को दी है।
विज्ञापन


आशंका जताई गई है कि यह काम किसी तांत्रिक का हो सकता है। हालांकि शिवलिंग बाजार से आसानी से मिल जाते हैं, इसलिए इसमें किसी असामाजिक तत्व के शामिल होने की भी आशंका है।
प्राचीन शिवमंदिर संचालक मनोज गर्ग ने बताया कि 110 साल पहले उनके परदादा लाला चुन्नी लाल ने प्राचीन शिवलिंग के लिए शिवालय की स्थापना कराई थी। यहां शिव परिवार की प्रतिमाएं लाकर स्थापित की गई थीं। शनिवार रात को शिवलिंग के चोरी होने की सूचना राजू सैनी ने दी। वह रविवार को सबसे पहले मंदिर में भगवान शिव के दर्शन को जाते हैं।
विज्ञापन


सुबह पांच बजे जब घटना का पता चला तो संज्ञान में आया कि गांव के अन्य दो शिवालयों से भी शिवलिंग चोरी हो गए हैं। इससे पहले प्राचीन शिवालय से भी नंदी की प्रतिमा चोरी हुई थी तो जयपुर से नई प्रतिमा लाकर स्थापित की गई थी। अब एक बार फिर यह घटना हुई है। शिकायतकर्ता ने बताया कि एक शिवालय के साथ बालाजी का मंदिर है वहां सीसीटीवी लगा है, लेकिन गेट से किसी के प्रवेश करने की फुटेज नहीं मिली है। आशंका है कि चोर पिछली दीवार से प्रवेश कर शिवलिंग चुरा कर ले गए हैं। इस मामले की जानकारी मिलने पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

बोले ज्योतिषाचार्य
यह किसी की शरारत है। क्योंकि खंडित शिवलिंग की पूजा भी नहीं होती। तांत्रिक भी यदि पूजा करेगा तो स्थापित शिवलिंग की ही करेगा।
- सुरेश वशिष्ठ, ज्योतिषाचार्य

कोई शिवलिंग क्यों चुराएगा, इस मामले में किसी की शरारत लग रही है। बाजार में शिवलिंग आसानी से मिल जाता है। शिवलिंग का महत्व उसकी स्थापना होने के बाद होता है, खंडित होने के बाद उसकी पूजा भी नहीं हो सकती। कुछ लोग मूर्ति पूजा का विरोध करते हैं, हो सकता है यह उनका काम हो।
विज्ञापन

- महंत कमलपुरी महाराज, बाबा लक्ष्मणपुरी डेरा
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें