संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। नगर निगम और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण यानी एचएसवीपी अधिकारियों की अनदेखी के कारण शहर के सामुदायिक केंद्र बदहाल पड़े हैं। नया बस स्टैंड के सामने 7 करोड़ की लागत से बने केंद्र में तो लोग उपले तक बना रहे हैं।
20 नवंबर को शादी का सीजन शुरू हो जाएगा। इसके चलते मजबूरी में लोगों को शादियों और पारिवारिक समारोहों के लिए डेढ़ लाख रुपये तक में निजी बैंक्वेट हॉल बुक कराने पड़ रहे हैं।
नया बस स्टैंड के बाहर बने सामुदायिक केंद्र की हालत सबसे खराब है। इसके बाहर पशु बंधे रहते हैं। इस केंद्र के एसी तक चोरी हो चुके हैं और अंदर उपले भरे हुए हैं। 2016 में उद्घाटन के बाद से ही यह उपेक्षित पड़ा है।
इससे आठ से अधिक कॉलोनियों के हजारों लोग प्रभावित हो रहे हैं। कैलाश कॉलोनी, प्रेम नगर, चांद नगर, विकास नगर, लक्ष्मी नगर, विशाल नगर, दुर्गा कॉलोनी, आजाद गढ़ के लोग परेशान हो रहे हैं।
-
शादियों का सीजन नजदीक है लेकिन सामुदायिक केंद्रों की सुध कोई अधिकारी नहीं ले रहा है। अनदेखी के चलते इसकी हालत खस्ता हो गई है। इसकी मरम्मत पर भी लाखों रुपये खर्च होंगे।
- सज्जन मलिक, प्रेम नगर।
सामुदायिक केंद्र बंद पड़ा है। सफाई नहीं है। गेट के बाहर गंदगी के ढेर लगे हैं। इसमें से सामान भी अब गायब हो चुका है। किसी कॉलोनी वासी के घर में विवाह-शादी हो तो इसकी सुविधा कैसे मिल पाएगी।
- कृष्णा, कैलाश कॉलोनी।
सामुदायिक केंद्र की हालत खस्ता है। यह सरकारी उपेक्षा का शिकार हो रहा है। इसमें से एसी, पंखे भी चोरी हो चुके हैं। इसके बाहर गंदगी पड़ी है और गेट पर ताले लगे रहते हैं।
- आकाश, दुकानदार।
यह सामुदायिक केंद्र करीब 7 करोड़ की लागत से दस साल पहले बनाया गया था लेकिन आज तक भी इसकी कोई सुविधा स्थानीय निवासियों को नहीं मिली है। इसे जल्द शुरू किया जाए।
- संजीत, कैलाश कॉलोनी।
नगर निगम के शहर में कुल 12 सामुदायिक केंद्र
नगर निगम के शहर में कुल 12 सामुदायिक केंद्र हैं लेकिन देखभाल के अभाव में ज्यादातर की हालत खराब है। इस साल के लिए अभी तक एक भी सामुदायिक केंद्र के लिए टेंडर जारी नहीं हो सका है। अगले महीने से शादियों का सीजन शुरू हो जाएगा। शहरवासी महंगे निजी बैंक्वेट हॉल बुक करने को मजबूर हैं। निगम और एचएसवीपी को जल्द टेंडर प्रक्रिया पूरी कर केंद्रों को दुरुस्त करना चाहिए।
देवउठनी एकादशी 20 नवंबर को
शादियों का सीजन नजदीक आते ही शहर के सामुदायिक केंद्रों की बदहाल स्थिति सामने आ गई है। सबसे ज्यादा खराब हालत तो नया बस स्टैंड के पास 7 करोड़ से बनाए सामुदायिक केंद्र की बन गई है जिसके एसी भी चोरी हो चुके हैं और उसमें उपले बनाए जा रहे हैं जबकि स्थानीय निवासियों को शादियों और पारिवारिक समारोहों के लिए निजी बैंक्वेट हॉल बुक करने पड़ रहे हैं। देवउठनी एकादशी 20 नवंबर को है।
-
नगर के सामुदायिक केंद्रों का टेंडर किया जाएगा। इसके लिए प्रक्रिया चल रही है। लोगों की सुविधा का ख्याल रखा जा रहा है।
संदीप बतरा, भूमि अधिकारी, नगर निगम।
नया बस स्टैंड के सामने बने सामुदायिक केंद्र की मरम्मत कराई जाएगी। जिसके बाद इसे नगर निगम के हैंडओवर किए जाने की योजना है।
जगमाल सोलंकी, कार्यकारी अभियंता, एचएसवीपी।
डेढ़ लाख रुपये तक में बुक होता है बैंक्वेट हॉल
शादी के लिए सामुदायिक केंद्र बैंक्वेट हॉल के मुकाबले ये कम में खर्च में बुक होता है। सामुदायिक केंद्र जहां 30 से 50 हजार रुपये में बुक होता है तो वहीं बैंक्वेट हॉल डेढ़ लाख रुपये तक में एक दिन के लिए बुक होता है। इसी कारण ज्यादातर लोग सामुदायिक केंद्र को महत्व देते हैं।
16 : नया बस स्टैंड के बाहर 7 करोड़ के सामुदायिक केंद्र में बनाए गए उपले। संवाद
16 : नया बस स्टैंड के बाहर 7 करोड़ के सामुदायिक केंद्र में बनाए गए उपले। संवाद
16 : नया बस स्टैंड के बाहर 7 करोड़ के सामुदायिक केंद्र में बनाए गए उपले। संवाद
16 : नया बस स्टैंड के बाहर 7 करोड़ के सामुदायिक केंद्र में बनाए गए उपले। संवाद