कोरोना काल में भी गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों के ऑपरेशन किए जाएंगे। इसके लिए पीजीआई ने क्रूनेट मशीन मंगवाई है। इससे ऑपरेशन से पहले एक घंटे में ही मरीज को कोरोना जांच की रिपोर्ट मिल जाएगी। अब तक चार घंटे लगते हैं। इससे मरीजों को राहत मिलेगी। संस्थान ने 13 घंटे बाद ही कोरोना मरीजों को भर्ती करना शुरू कर दिया है। मरीजों के लिए बेड व ऑक्सीजन की सुविधा बढ़ाई जा रही है। वैक्सीन व जरूरी दवाएं भी मंगवाई गई हैं। मरीजों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। यह कहना है हेल्थ यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. ओपी कालरा का। वे सीएम के पीजीआई दौरे के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
कुलपति ने कहा कि आने वाले एक सप्ताह में संस्थान में कोरोना मरीजों के लिए बेड की संख्या 300 से बढ़ाकर एक हजार कर दी जाएगी। ऑक्सीजन सप्लाई भी बढ़ जाएगी। इस ओर प्रयास जारी है। लाला श्यामलाल सुपरस्पेशियलिटी के न्यूरोलॉजी आईसीयू को भी कोविड आईसीयू में बदला जा रहा है। यहां स्टाफ व दवाएं मुहैया करवाया जा रहा हैं। आने वाले दो दिन में इसे शुरू कर दिया जाएगा। संस्थान में तीन दिन में 150 बेड और बढ़ाकर 500 मरीजों को भर्ती करने के प्रयास शुरू कर दिए गए है। एमसीएच अस्पताल में नवजात शिशुओं के लिए व्यवस्था बनाई गई। यहां 12 नवजात उपचाराधीन हैं। इनके लिए बेड, ऑक्सीजन सभी सुविधा उपलब्ध है। संस्थान में उपचाराधीन मरीजों की महामारी से मौत होने पर परिजनों को शव के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। इसके लिए प्रशासन ने व्यवस्था बना दी है। शहर के दो श्मशान में दाह संस्कार की व्यवस्था की गई है।
कुलपति ने कहा कि संस्थान में रोहतक के अलावा, दिल्ली, गाजियाबाद व अन्य जिलों से भी मरीज आ रहे हैं। इस कारण यहां भार बढ़ गया है। यहां कोरोना के साथ अन्य रोगों के मरीज भी उपचाराधीन है। मरीजों के लिए स्टाफ मौजूद हैं। संस्थान का कोई विभाग बंद नहीं होगा। कुछ विभागों के मरीज दूसरे विभागों में शिफ्ट कर दिए जाएंगे। ओपीडी सेवा जारी है। मरीजों के हितों को ध्यान में रखते हुए इसे चलाया जाएगा।