माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। एएसजे संदीप दुग्गल की अदालत में नशा रखने के दोषी खिड़वाली गांव निवासी कुलदीप ने रहम की मांग की। अदालत से कहा, पिता की मौत हो चुकी। बुजुर्ग मां की देखभाल करने वाला कोई नहीं है। उसके साथ सजा में नरमी बरती जाए। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस के बाद दोषी की न्यायिक हिरासत की अवधि को ही सजा माना और 3 हजार रुपये जुर्माना भरने पर छोड़ दिया।
पुलिस रिकाॅर्ड के मुताबिक, सीआईए तीन की टीम को नवंबर 2018 में सूचना मिली कि खिड़वाली निवासी कुलदीप रैनकपुरा की तरफ से आएगा। उसके पास अवैध हथियार हो सकता है। पुलिस ने नाका लगाकर जांच की तो एक युवक आता दिखाई दिया। शक के आधार पर काबू किया तो उसकी जेब से 200 ग्राम चरस मिली।
पुलिस ने आरोपी कुलदीप को एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया। तभी से जिला अदालत में केस की सुनवाई चल रही थी। अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया। सजा पर बहस के दौरान आरोपी ने याचिका दायर की। कहा कि वह गरीब परिवार से है। पिता का देहांत हो चुका है, जबकि मां बुजुर्ग हैं। उसने शादी नहीं की, इसलिए मां की देखभाल करने वाला कोई नहीं है। उसके साथ नरमी बरती आए। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि आरोपी 09 नवंबर 2018 से 30 मार्च 2019 तक न्यायिक हिरासत में रहा। अदालत ने इसी अवधि को सजा मानकर छोड़ दिया।