रोहतक। पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (पीजीआईएमएस) एक बार फिर चर्चा में है। संस्था से अनुबंधित सुरक्षा कर्मचारियाें को हटाने पर बुधवार को रोष प्रदर्शन किया गया। सुरक्षा कर्मचारियों ने गलत रिकॉर्ड पेश करने व कॉल लेटर जारी होने के बावजूद नौकरी नहीं देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। यही नहीं, सीएम विंडों पर दी शिकायत का भी बगैर समाधान किए ही निपटारा कर दिया गया।
सुरक्षा कर्मचारियों का आरोप है कि प्रशासन ने बगैर शिकायतकर्ता से बात किए ही सीएम विंडाे की शिकायत के जवाब में संतुष्ट होना लिखकर भेज दिया। जबकि ऐसा नहीं है। वरिष्ठता के आधार पर नौकरी देने का दाव किया गया है। जबकि हटाए गए कर्मचारी वरिष्ठ हैं। आरोप है कि उन्हें गलत तरीके से हटाया गया है। इससे उनके समक्ष अपने परिवार का पालन पोषण करने का भी खतरा पैदा हो गया है।
सुरक्षा कर्मचारियों ने कहा कि 55 सुरक्षाकर्मियों को नए साल पर एक जनवरी से हटाने का नोटिस दिया था। इससे कर्मचारियों में रोष पनप रहा है। इस मामले में कई बार अधिकारियों से मिल चुके हैं। इसके बावजूद कोई समाधान नहीं हुआ है। आरोप है कि 28 सिंतबर 2021 को पत्र जारी होने पर भी कर्मचारियों को नहीं लगाया गया। नए लगाए गए कर्मचारियों में से 21 चहेतों के नाम कौशल रोजगार योजना में भेज दिए। जबकि पुराने व 14 नए कर्मचारियों को छोड़ दिया गया। सुरक्षा कर्मचारियों ने संस्थान में रुपये देकर नौकरी लगने का भी आरोप लगाया है।
सुरक्षा कर्मचारी अजय, पवन, नीतू, संतोष, विकास, दीपक, सचिन, राहुल व अन्य का कहना है कि रुपये लेकर भर्ती किए कर्मचारी नौकरी पर रख लिए गए हैं। रुपये नहीं देने वालों को हटा दिया गया। इसलिए हटाए गए कर्मचारियों को नौकरी पर रख कर राहत दी जाए। ऐसा नहीं होने पर आंदोलन किया जाएगा।