अमर उजाला से बातचीत में पीजीआईएमएस के कार्यकारी कुलपति एवं निदेशक डॉ. रोहतास कंवर यादव ने बताया कि मेडिकल एजूकेशन को देश भर में एक समान कर दिया गया है। हर जगह एमबीबीएस का एक जैसा पाठ्यक्रम होगा और तय समय के अनुसार यह पढ़ाया जाएगा। 2019 से एमबीबीएस कोर्स को पंजीकरण के दस साल में पूरा करना हर विद्यार्थी के लिए अनिवार्य होगा।
यदि ऐसा नहीं होता तो संबंधित विद्यार्थी का पंजीकरण रद्द हो जाएगा। देश में योग्य डॉक्टर बनें इसके लिए थ्योरी व प्रेक्टिकल में उपस्थिति व पास अंक तय कर दिए गए हैं। सबसे अहम है कि अब नया नियम सभी 21 विषयों पर लागू होगा। इसलिए जरूरी है कि हर विद्यार्थी अपनी थ्योरी व प्रेक्टिकल को ध्यान से करें।
प्रथम प्रोब एक, सेकेंड प्रोब एक व थर्ड प्रोब में दो भाग होंगे, जिसमें पहला एक व दूसरा डेढ़ साल का होगा। इसके अलावा एक साल की एमबीबीएस विद्यार्थी को इंटर्नशिप करनी होगी। गौरतलब है कि प्रदेश में 800 के करीब सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की सीट हैं। इसके अलावा शाहबाद व इसराना के निजी मेडिकल कॉलेजों में 150-150 एमबीबीएस की सीटें हैं।