रोहतक। जिले के सरकारी कॉलेजों में इस बार यूजी कोर्सों में दाखिले को लेकर कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है। कई प्रमुख कोर्सों में आवेदन संख्या सीटों से काफी अधिक पहुंच गई है। इससे दाखिले की दौड़ और कठिन हो गई है।
खासकर बीबीए, बीसीए, साइकोलॉजी और आर्ट्स कोर्सों में छात्रों की भारी रुचि दिखाई दे रही है। कुछ पारंपरिक ऑनर्स कोर्सों में अपेक्षाकृत कम आवेदन आए हैं।
नई शिक्षा नीति और बदलते करियर विकल्पों के चलते छात्रों का रुझान कंप्यूटर, तकनीकी और स्किल आधारित कोर्सों की ओर बढ़ा है। इसी कारण इस बार कंप्यूटर से जुड़े कोर्सों में भी आवेदन संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
राजकीय महिला कॉलेज के प्राचार्य शमशेर हुड्डा ने बताया कि आर्ट्स और साइकोलॉजी जैसे कोर्सों में भी इस बार सीटों से अधिक आवेदन पहुंचे हैं। साइकोलॉजी में सीमित सीटों के कारण मुकाबला और कठिन हो गया है। वहीं अर्थशास्त्र, अंग्रेजी और हिंदी ऑनर्स कोर्सों में अपेक्षाकृत कम आवेदन आए हैं।
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प्रोफेशनल कोर्सों की छात्रों का झुकाव अधिक
पं. नेकीराम राजकीय कॉलेज के नोडल अधिकारी डॉ. राजीव कुमार ने बताया कि छात्रों का झुकाव प्रोफेशनल कोर्सों की ओर अधिक है। बीबीए में सीटों के मुकाबले कई गुना आवेदन प्राप्त हुए हैं जबकि बीसीए में भी कड़ी प्रतिस्पर्धा है। उन्होंने बताया कि बीसीए की 120 सीटों के लिए 738 आवेदन आए हैं। बीबीए की 60 सीटों पर 433 छात्रों ने आवेदन किया है।
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कटऑफ बढ़ने के आसार
कॉलेज प्रशासन का कहना है कि अधिक आवेदन आने के कारण इस बार कटऑफ पिछले वर्षों की तुलना में अधिक जा सकती है। ऐसे में बेहतर अंक प्राप्त करने वाले छात्रों को ही मनपसंद कोर्स मिलने की संभावना है। प्राचार्यों ने छात्रों को सलाह दी है कि वे केवल भीड़ का हिस्सा बनने के बजाय अपनी रुचि और करियर लक्ष्य के अनुसार कोर्स का चयन करें, ताकि भविष्य में बेहतर अवसर मिल सके।