04सीटीके25 जाट शिक्षण संस्था के प्रधान गुलाब सिंह दिमाना को ज्ञापन सौंपते पूर्व उप प्रधान नरेश
रोहतक। जाट शिक्षण संस्था की गवर्निंग बॉडी का चुनाव संपन्न होने के बाद सभी कॉलेजों की गवर्निंग बॉडी या बोर्ड ऑफ गवर्नर के नियमानुसार गठन करने की कार्रवाई नहीं हुई है। इसके लिए पूर्व उपप्रधान नरेश बोहर ने कॉलेजों की गवर्निंग बॉडी गठित करने के लिए कॉलेजियम सदस्यों के साथ मिलकर प्रधान गुलाब सिंह दिमाना को ज्ञापन सौंपा।
पूर्व उपप्रधान ने बताया कि 5 जुलाई 2024 को गुलाब सिंह दिमाना ने प्रधान पद की जिम्मेदारी ग्रहण की थी। एमडीयू से संबद्ध जाट शिक्षण संस्था के सभी कॉलेजों की गवर्निंग बॉडी या बोर्ड ऑफ गवर्नर के नियमानुसार गठन करने की जिम्मेदारी प्रधान की थी, जोकि अभी तक 8-9 महीने बीतने के बाद भी पूरी नहीं की है। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्यशैली उन चयनित कॉलेजियम सदस्यों के सांविधानिक अधिकारों का हनन है, जो कॉलेजों की गवर्निंग बॉडी का चुनाव लड़ना चाहते हैं। कॉलेजों की गवर्निंग बॉडी गठित न होने के कारण उनकी कार्यप्रणाली नियमों के तहत सुचारु रूप से संभव नहीं है। पिछले 8-9 माह से कॉलेजों की गवर्निंग बॉडी गठित न होने पर अब तक की कार्यप्रणाली जांच का विषय बनती है। उन्होंने बताया कि एमडी यूनिवर्सिटी की ओर से भी संबंधित कॉलेजों की गवर्निंग बॉडी 30 अप्रैल तक नियमों के तहत गठित न होने पर 2,50,000 रुपये प्रति कॉलेज जुर्माने के प्रावधान से संबंधित पत्र सभी कॉलेजों को जारी हो चुका है। समय पर यह चुनाव नियमों के तहत न होने पर संस्था को 12,50,000 रुपये का वित्तीय बोझ झेलना पड़ सकता है, इसलिए कॉलेजियम के चयनित सदस्य नियमों के तहत कॉलेजों की गवर्निंग बॉडी के चुनाव को पारदर्शी तरीके से करवाने का आग्रह करते हैं।