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‘अमरूत’ के फेर में फंसा शहर

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बाबा मस्तनाथ मठ के पास अमरूत योजना के तहत बिछाई गई पाइप लाइन। संवाद
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प्रदेश की सियासी राजधानी बदहाल प्रशासनिक व्यवस्था का दंश झेल रही है। पांच साल (2013-2018) अमरूत के इंतजार में बीता दिए। तीन साल पहले शुरू हुए 265 करोड़ के प्रोजेक्ट का काम 18 माह में पूरा होना था, लेकिन आज भी अधूरा पड़ा है। इसका खामियाजा आम लोग भुगत रहे हैं। पेयजल व सीवरेज लाइन बिछाने के नाम पर सड़कें खोद दी गई। एक तरफ बारिश में गलियां, सड़कों से लेकर चौक व चौराहे पानी से लबालब हैं, दूसरी तरफ कई कॉलोनियों में पीने का पानी नहीं पहुंच रहा। केंद्र सरकार ने प्रदेश में अमरूत प्रोजेक्ट के तहत रोहतक शहर का चयन किया था। तीन साल की लंबी कागजी कार्रवाई के बाद 2018 में प्रोजेक्ट के तहत काम शुरू हुआ। प्रोजेक्ट को दो भागों में बांटा गया। प्रोजेक्ट के पहले भाग में शहर में सीवरेज सिस्टम खड़ा करना है, जिसकी अनुमानित लागत 155 करोड़ 21 लाख रुपये आंकी गई थी, जिसकी अब कैपिटल लागत 212.19 करोड़ हो चुकी है। जबकि दूसरे भाग में प्रोजेक्ट के तहत 109 करोड़ की लागत से पेयजल लाइन, वाटर वर्क्स से लेकर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तक बिछाए जाने हैं। दोनों प्रोजेक्ट का काम 18 माह में पूरा होना था, लेकिन अब तक अधूरा पड़ा है। सीवरेज प्रोजेक्ट की समय सीमा तीन बार बढ़ाई जा चुकी है। अब प्रोजेक्ट 31 मार्च 2022 तक पूरा करना है। जबकि पेयजल प्रोजेक्ट की समय सीमा 31 दिसंबर 2021 तय की गई है।
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सीवरेज प्रोजेक्ट के तहत कहां कितने प्रतिशत काम पूरा
सीवरेज प्लांट प्रोग्रेस
सीवरेज लाइन एक लाख 26 हजार मीटर
खेड़ी साध सीवरेज प्लांट 35 प्रतिशत
पहरावर सीवरेज प्लांट 96 प्रतिशत
बोहर सीवरेज प्लांट 80 प्रतिशत
कन्हेली रोड सीवरेज प्लांट 50 प्रतिशत
शुगर मिल कैंपस प्लांट 85 प्रतिशत
सिंहपुरा सीवरेज प्लांट 86 प्रतिशत
एसटीपी प्रोग्रेस
गढ़ी बोहर 70 प्रतिशत
पीर बोहदी 21 प्रतिशत
सिंहपुरा 98 प्रतिशत
डिस्पोजल प्रोग्रेस
राहड़ जोहड़ 1 100 प्रतिशत
राहड़ जोहड़ 2 100 प्रतिशत
गढ़ी मोहल्ला 100 प्रतिशत
कन्हेली रोड 100 प्रतिशत
शेर विहार 100 प्रतिशत
राम जोहड़ी, कन्हेली रोड व झज्जर रोड 100 प्रतिशत
गोबर गैस प्लांट 50 प्रतिशत
ड्रेन वर्क 80 प्रतिशत
वाटर ट्रीटमेंट प्लांट : छह का काम 95 प्रतिशत
नगर निगम की ओर से सोनीपत रोड, कन्हेली रोड, बलियाना, सुनारिया खुर्द व पहरावर के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का काम 95 प्रतिशत पूरा हो चुका है। जबकि पानी संशोधन संयंत्र सुनारिया खुर्द का 99 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। जबकि अजीत कॉलोनी का संयंत्र मस्तनाथ नगर में शिफ्ट किया गया है। सुनारिया कलां व कन्हेली का 99 प्रतिशत तो थर्ड वाटर वर्क्स का काम 75 प्रतिशत पूरा हुआ है। वहीं, बोहर मेलवान का 80 प्रतिशत, गढ़ी बोहर का 40 प्रतिशत, पहरावर का 98 प्रतिशत काम पूरा हुआ है।
अमरूत प्रोजेक्ट के तहत पेयजल सिस्टम की गति तो ठीक है, लेकिन सीवरेज सिस्टम का काम संतोषजनक नहीं है। निगम में तीन कार्यकारी अभियंता थे, जिनमें से दो का तबादला हो चुका है। अब केवल मंजीत दहिया ही हैं, जिनको कई बार कह चुके हैं। वे चंडीगढ़ से नक्शे पास होने की बात कहते हैं।
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- मनमोहन गोयल, मेयर, नगर निगम
बरसात के मौसम में सीवरेज लाइन बिछाने का काम प्रभावित हुआ है। पूरे प्रोजेक्ट को 31 मार्च 2022 तक पूरा करना है। बारिश के तुरंत बाद तेज गति से काम शुरू होगा।
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- मंजीत दहिया, कार्यकारी अभियंता, नगर निगम
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