हरियाणा में नारनौल के गांव दौंगड़ा अहीर निवासी प्रीतम की चार वर्षीय पुत्री नेहा को जहर देकर मारने के मामले में पुलिस ने वीरवार को नारनौल के मोहल्ला रावका निवासी खुशीराम सैनी और माली टिब्बा निवासी प्रभुदयाल को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस बच्ची की मां सुनीता को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। मुख्य आरोपी गांव दौंगड़ा अहीर निवासी जितेंद्र उर्फ जीतू अभी फरार है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
सुनीता ने पूछताछ में बताया कि उसकी बच्ची नेहा को जहर देर मारने के बाद दौंगड़ा अहीर निवासी जितेंद्र, माली टिब्बा निवासी प्रभुदयाल व मोहल्ला रावका निवासी खुशीराम ने शव को जमीन में दबा दिया।
उन्होंने इस बारे में किसी को बताने पर उसे जान से मारने की धमकी दी थी। इतना ही नहीं, महिला ने तीनों पर उससे जबरदस्ती दुराचार करने का भी आरोप लगाया है।
ये था मामला
गांव दौंगड़ा अहीर निवासी प्रीतम की पत्नी सुनीता गत 12 दिसंबर को अपने घर से उस समय अपने दो बच्चों समेत गायब हो गई थी जब उसका पति मजदूरी पर गया हुआ था। प्रीतम ने 12 दिसंबर देर शाम को ही इस संदर्भ में कनीना थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी।
पुलिस अभी महिला को तलाश ही रही थी कि 20 दिसंबर को महिला अचानक एक बच्चे के साथ घर लौट आई। महिला के परिजनों के बच्ची के बारे में पूछने पर जहर देकर मारने का मामला सामने आया था।