जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुई हिंसा की जांच सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज से करवाई जानी चाहिए। ताकि लोगों के सामने साजिशकर्ता बेनकाब हों। यह बात पूर्व सीएस भूपेेंद्र सिंह हुड्डा ने कही। वे शनिवार को समचाना में हुए एक कार्यक्रम में शिरकत कर रहे थे। उन्होंने सीबीआई जांच को लेकर भी निशाना साधा। कहा कि जिस तरह से सरकार सिर्फ तीन मामलों की सीबीआई से जांच करवा रही है, यह जांच पारदर्शी नहीं होगी। जांच तो पूरे प्रकरण की होनी चाहिए।
पूर्व सीएम ने वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु के लूट और झूठ की राजनीति के बयान पर कहा कि सरकार ने चुनाव से पहले 154 वायदे किए थे, लेकिन एक भी वायदा पूरा नहीं किया। अब सरकार ही स्वयं तय कर ले आखिर कौन झूठ बोल रहा है? उन्होंने कहा कि प्रकाश सिंह कमेटी की रिपोर्ट कहीं न कहीं शक पैदा कर रही है। समिति की रिपोर्ट में हिंसा के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया गया था। धान खरीद को लेकर पूर्व सीएम ने कहा कि किसानों को लूटा जा रहा है। पिछले साल भी बड़े स्तर पर धान घोटाला हुआ था और इस बार भी धान खरीद घोटाला हुआ है। वे गांव-गांव जा रहे हैं और किसानों से बातचीत कर रहे हैं। भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि फरवरी में जींद में सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ महारैली होगी।
भाजपा सरकार फीटा और जेब काटू
हुड्डा ने कहा कि मेरी सरकार में जो भी फैसले लिए गए वे जनहित के थे। नाम बदलने से विकास नहीं बल्कि विकास करवाने से विकास होता है। हुड्डा ने भाजपा सरकार को फीटा और जेब काटू करार दिया। इस मौके पर पूर्व मंत्री कृष्णमूर्ति हुड्डा, पूर्व विधायक संत कंवार, जोगेंद्र कोच, राजू पहलवान, राजकुमार शर्मा, प्रमोद, संजय, विनोद और राजेंद्र वकील मौजूद रहे।