मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा है कि सरकार की नीति से 97 फीसदी लोग खुश हैं, लेकिन चालाकी करने वाले परेशान हैं। भाजपा सरकार में किसी की चालाकी नहीं चलेगी। पहले कभी डेपुटेशन के नाम पर तो कभी सिफारिशें लगवा कर अपनी इच्छानुसार पोस्टिंग कराई जाती थी। लेकिन अब यह सब नहीं चलेगा।
मुख्यमंत्री शनिवार को केनाल रेस्ट हाउस में आम जन की समस्याओं को सुन रहे थे। एक तबादले के संबंध में सीएम ने कहा कि जोन के हिसाब से सिस्टम तैयार है। यदि सभी हर जोन में एक ही जगह लिखेंगे तो कैसे काम होगा। किसी को चालाकी दिखाने की जरूरत नहीं है। सारा कार्य नियमानुसार होगा। सीएम ने कहा कि सरकार ने गांवों में पर्याप्त बिजली की आपूर्ति के लिए म्हारा गांव-जगमग गांव योजना चलाई है, इसके तहत प्रदेश के सात फीडरों में 21 घंटे तक बिजली आपूर्ति शुरू हो चुकी है। भविष्य में इन फीडरों में 24 घंटे बिजली की आपूर्ति की जाएगी। इस योजना के तहत घरों से बाहर बिजली के मीटर लगाए जाते हैं, इसके लिए लोगों का सहयोग जरूरी है। सरकार व बिजली निगम के अधिकारी लोगों को घरों से बाहर मीटर लगवाने के लिए प्रेरित करते हैं, ताकि योजना का फायदा पूरे गांव को मिले। उन्होंने कहा कि फरवरी में हुई आगजनी की घटनाओं में हुए नुकसान की पूर्ति के लिए पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त जस्टिस केसी पुरी को क्लेम कमिश्नर नियुक्त किया है, जो क्लेम संबंधी अपीलों का निपटारा कर रहे हैं। इसकी एक प्रक्रिया है, जिसके तहत कार्रवाई जारी है। मुख्यमंत्री ने जनसमस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए और कहा कि सरकार पारदर्शी प्रशासन देने के साथ-साथ जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के लिए कृतसंकल्प है। उन्होंने कहा कि सीएम विंडो, हर समाधान सहित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश हैं कि लोगों की कठिनाईयों को तुरंत दूर किया जाए। इस अवसर पर मंडलायुक्त चंद्रप्रकाश, उपायुक्त अतुल कुमार, प्रवर पुलिस अधीक्षक राकेश आर्य, अतिरिक्त उपायुक्त प्रदीप कुमार, उपमंडल अधिकारी (नागरिक) डॉ. मुनीश नागपाल, नगर निगम के संयुक्त आयुक्त अरविंद मल्हान, जिला उद्यान अधिकारी जितेंद्र मोंगिया, भाजपा प्रदेश सचिव डॉ. किरण कलकल, जिलाध्यक्ष अजय बंसल आदि मौजूद रहे।
मेरे नाम पर रौब झाड़ने वाले पर कार्रवाई करो : सीएम
सीएम मनोहर लाल खट्टर ने स्पष्ट कहा कि वह सचाई के साथ हैं। यदि उनके नाम पर या उनके पारिवारिक सदस्य होने का दावा कर कोई गलत कार्य करता है तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे ही एक मामले में स्वयं को सीएम का पारिवारिक सदस्य बताकर रौब झाड़ने वाले मनोज खट्टर नामक व्यक्ति के मामले पर सीएम ने कहा कि वह तो अंदर जाएगा। इस संबंध में उन्होंने एसपी को निर्देश देते हुए कहा कि उसकी जमानत नहीं होनी चाहिए। रही बात इस मामले से जुडे़ केस की, तो वह यदि सही है तो चलेगा। यदि आरोपियों ने हरकत सार्वजनिक स्थान पर की है तो कार्रवाई करो। एक अन्य प्लाट में गड़बड़ी मामले में सीएम ने कहा कि एक प्लाट की दो बार बिक्री की गई है, इस पर 420 के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई करो। एक अन्य सिफारिश पर सीएम ने कहा कि हर कार्य योग्यता के आधार पर होंगे, इसमें सिफारिश नहीं चलेगी।
फर्नीचर घोटाले में मिले नगर निगम पार्षद
पूनम किलोई, अशोक खुराना, अजय जैन टाटू सहित कई पार्षदों ने सीएम से मुलाकात कर फर्नीचर घोटाले के संबंध कार्रवाई करने की मांग की। सीएम को बताया गया कि नगर निगम में फर्नीचर घोटाले की जांच विजिलेंस कर रही है। इसमें मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर, डिप्टी मेयर आरोपी हैं। मामले में हरियाणा म्यूनिसिपल एक्ट 1994 की धार 37(ए) के तहत जांच के दौरान आरोपियों को बर्खास्त किया जाना चाहिए। सरकार के मुख्य सचिव द्वारा जांच महानिदेशक राज्य चौकसी ब्यूरो हरियाणा को एक माह के अंदर करने को कहा गया था, लेकिन अभी तक जांच पूरी नहीं हो पाई है।
दुकानें वापस दिलाने और जुर्माना माफ करने की मांग
जनता कालोनी निवासी कुलदीप ने सीएम से नई अनाज मंडी के अंदर खुली बोली में अलाट दुकान वापस दिलाने और लगाए गए जबरन मुआवजे को माफ करने की मांग की है। कुलदीप ने अपने शिकायत पत्र के साथ सीएम विंडो पर लगाई शिकायत की कापी जमा कराई है। इसमें उसने बताया है कि उसकी शिकायत पर शीर्ष अधिकारी सुनवाई नहीं कर रहे हैं। वहीं, शिव नगर कालोनी से आई सविता ने अपने पति सतपाल के हत्या आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है। सीएम ने महिला और उसके परिजनों की समस्या सुनते हुए उन्हें एसपी से मिलने को कहा। एसपी ने आश्वासन दिया कि उनकी समस्या पर वे बातचीत करेंगे।
अधिकारियों और कार्यकर्ताओं से मिले, कुछ भाजपाई नाराज
सीएम ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ ही पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बातचीत की। केनाल रेस्ट हाउस में सीएम से मिलने पहुंचे कुछ कार्यकर्ताओं को गेट पर ही सुरक्षा कर्मचारियों ने रोक लिया। इससे कई नाराज हो गए तो कुछ को बाद में अंदर बुला लिया गया। कुछ कार्यकर्ताओं की पुलिस से गेट पर अंदर आने के लिए झड़प हो गई। हालांकि, बाद में मामला शांत हो गया।