काली पट्टी बांधकर सांकेतिक विरोध प्रदर्शन करते हुए पीजीआईडीएस के पीजी छात्र। स्रोत: आरडीए
रोहतक। पीजीआईडीएस में पीजी छात्र के उत्पीड़न के मामले में सोमवार को तीन सदस्यीय कमेटी ने जांच की। कमेटी सदस्यों ने पीजी विद्यार्थी व आरोपी शिक्षक से बातचीत कर सच जानने का प्रयास किया। जांच में दोषी पाए जाने पर शिक्षक को निलंबित करने का आश्वासन दिया। सोमवार को जांच कमेटी के सामने छात्रों ने साक्ष्य पेश किए। इधर, पुलिस ने पीजी छात्र डॉ. जिष्णु मोहन की शिकायत पर आरोपी शिक्षक प्रो. रविंद्र सोलंकी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। कमेटी इस मामले में मंगलवार को अपनी रिपोर्ट पेश कर सकती है।
डेंटल पीजी छात्र डॉ. जिष्णु मोहन ने पुलिस को शिकायत में कहा है कि 2 अप्रैल को सुबह 9 बजे प्रो. रविंद्र सोलंकी ने मेरा फोन मांगा। उन्हें फोन देने से मना करने पर अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए फोन छीन लिया और जमीन पर दे मारा। इसके बाद ऑफिस में डॉ. मनीष गोयल को शिकायत करने के लिए गया तो, वहां पर प्रो. रविंद्र सोलंकी पहले से मौजूद थे। शिकायत करने पर प्रो. रविंद्र सोलंकी ने दरवाजा बंद करके गाली गलौज व मारपीट की। उन्होंने कुर्सी से हमला बोल दिया। वहां से किसी तरह जान बचाकर भागा। घटना के बाद से ही डरा हुआ हूं। मेरी जान को खतरा है। मामला सामने आने के बाद से प्रो. रविंद्र सोलंकी को निलंबित करने की मांग की जा रही है।
आरडीए की ओर से पिछले पांच दिनों से काली पट्टी बांधकर सांकेतिक विरोध किया जा रहा है। पीड़ित छात्र को इंसाफ दिलाने के लिए देश के अन्य राज्यों से भी समर्थन मिल रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पीजीआई प्रशासन की ओर से तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। यह कमेटी जांच कर रही है।
कमेटी की जांच में दोषी पाए जाने पर प्रो. रविंद्र सोलंकी को निलंबित करने का आश्वासन दिया गया है। आरडीए प्रतिनिधि डाॅ. मुज्जफर खान ने बताया कि सुबह से कमेटी जांच कर रही है। शिक्षक पर लगाए गए आरोपों से संबंधित सबूत कमेटी के सामने पेश किए गए हैं। कमेटी की जांच रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है। इसके बाद ही हड़ताल या अन्य निर्णय लिया जाएगा।