रोहतक। नहर पक्की न करने का विरोध कर रहे ग्रामीणों की मांगों को स्वीकार करते हुए जिला प्रशासन ने शुक्रवार मुद्दों को हल करने का आश्वासन दिया। कमेटी ने सहमति देते हुए शनिवार को धरना स्थल पर मीटिंग कर आगामी निर्णय की योजना बनाई।
अखिल भारतीय किसान सभा के प्रीत सिंह अहलावत ने बताया कि 19 दिनों से रिठाल, कान्ही, घामड, किलोई, बोहर, भालौठ, डीघल, मायना, सुनारिया, बालंद, तेवड़ी, लाठ, जोली और मोई हुड्डा सहित कई गांवों के ग्रामीण धरने पर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बीएसबी (भालौठ सब ब्रांच) और जेएसबी (झज्जर सब ब्रांच) नहर की तलहटी पक्की होने से नलकूप और ट्यूबवेल प्रभावित होंगे तथा सिंचाई व पेयजल संकट उत्पन्न होगा।
सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता सतपाल दलाल और कार्यकारी अभियंता अरुण मुंजाल सहित अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि नहर का केवल 10 फुट तक ही दोनों ओर से पक्का किया जाएगा।
नहर के पुलों के पास घाट, सीढ़ियां, मोरी के पास यू-आकार संरचना और नलकूपों के पास बोर छोड़ने पर भी सहमति बनी। इस मौके पर किसान मजदूर मोर्चा से उमेद सिंह रिठाल, किसान यूनियन से रणधीर धामड, सुमित दलाल, अहलावत खाप प्रधान जय सिंह, परवीन सरपंच व अन्य मौजूद रहे।