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Rohtak News: कनाडाई विश्वविद्यालय ने भारत के शैक्षिक संस्थानों के साथ किए तीन समझौते

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एजेंसी नई दिल्ली। कनाडा की केप ब्रेटन विश्वविद्यालय (सीबीयू) के एक प्रतिनिधिमंडल ने उच्च शिक्षा में साझेदारी गहरी करने के लिए भारतीय शैक्षणिक संस्थानों के साथ तीन समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर किए। इसके तहत सीबीयू के अध्यक्ष और कुलपति डेविड सी डिंगवॉल के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने 27 अप्रैल से दो मई तक नई दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा, वडोदरा और अहमदाबाद का दौरा किया।
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सीबीयू के मुताबिक, राष्ट्रीय राजधानी में डिंगवॉल ने शिक्षा मंत्री आशीष सूद से मुलाकात की और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सामुदायिक विकास और स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र जैसे क्षेत्रों में सहयोग के अवसरों पर बात की। इस दौरान सूद ने एजुसिटी मॉडल के लिए अपना नजरिया पेश किया। यह वैश्विक विश्वविद्यालय को राजधानी में साझा बुनियादी ढांचे से संचालित होने में सक्षम बनाने वाला एक एकीकृत कैंपस ढांचा है।
एनईएफ बना भारत में सीबीयू का आधिकारिक सहयोगी
दिल्ली सीबीयू ने बीएमएल मुंजाल विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के साथ पांच साल के एमओयू पर दस्तखत किए। इसका उद्देश्य छात्रों और शिक्षकों के आदान-प्रदान, संयुक्त अनुसंधान पहलों और शैक्षणिक सम्मेलनों के सह-निर्माण को बढ़ावा देना है। सीबीयू ने दूसरा समझौता राष्ट्रीय शिक्षा मंच (एनईएफ) के साथ किया गया। इसके तहत केंद्र और राज्य सरकारों के साथ-साथ प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के साथ व्यवस्थित जुड़ाव के समर्थन के लिए एनईएफ को भारत में सीबीयू का आधिकारिक सहयोगी नामित किया गया है।
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सेमीकंडक्टर, नवीकरणीय ऊर्जा पर प्रतिभा शृंखला होगी तैयार

सीबीयू ने गुजरात में लोक जागृति केंद्र विश्वविद्यालय के साथ भी औपचारिक साझेदारी की। इसके साथ ही सहयोग बढ़ाने के साथ ही छात्रों की आवाजाही और संयुक्त तौर से विकसित कार्यक्रमों पर केंद्रित एक क्षेत्रीय शैक्षणिक नेटवर्क बनाने के लिए पारुल विश्वविद्यालय और नव रचना विश्वविद्यालय के साथ भी बात की। यहां सीबीयू प्रतिनिधिमंडल ने गांधीनगर में उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी से मुलाकात की। इस दौरान सेमीकंडक्टर, नवीकरणीय ऊर्जा और ऑटोमोटिव विनिर्माण जैसे उभरते क्षेत्रों में कार्यबल की जरूरतों के मुताबिक प्रतिभाओं की एक शृंखला (टैलेंट पाइपलाइन) तैयार करने पर बात की गई। राज्य सरकार ने संभावित सहयोग के लिए अपना समर्थन देते हुए सीबीयू को धोलेरा विशेष निवेश क्षेत्र जैसी परियोजनाओं से जुड़े अवसरों का पता लगाने के लिए आमंत्रित किया। इस दौरान छात्रों के भारत में पढ़ाई शुरू कर बाद में कनाडा में सीबीयू के सिडनी, नोवा स्कोटिया परिसर जाने वाले हाइब्रिड लर्निंग मॉडल अपनाने पर भी सहमति बनी।
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