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OP Chautala: महम में हिंसा के बाद रद्द हो गया उपचुनाव, जीत मिली न बची कुर्सी, सीएम पद से देना पड़ा था इस्तीफा

Fri, 20 Dec 2024 02:55 PM IST
नवीन दलाल माई सिटी रिपोर्टर, रोहतक (हरियाणा)

सार

पंचायत मंत्री कृष्णलाल पंवार करीब एक बजे जब शिकायत सुन रहे थे, तब मीडिया  से सूचना मिली कि पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला का निधन हो गया है। मंत्री के साथ नेताओं, अधिकारियों व आम लोगों ने खड़े होकर दो मिनट का मौन रखकर पूर्व मुख्यमंत्री को श्रद्धांजलि दी।
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ओपी चाैटाला - फोटो : संवाद
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विस्तार
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प्रदेश की सियासी राजनीति रोहतक में दबदबे की कसक पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला के साथ ही चली गई। इतना ही नहीं, उनके समर्थक महम कांड को याद नहीं रखना चाहेंगे, जहां से जीत न मिलने पर चौटाला को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा तक देना पड़ गया था। साथ ही उप चुनाव में हुई हिंसा के चलते महम देश व विदेश में चर्चित हो गया। 

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1989 में ताऊ देवीलाल देश के उप प्रधानमंत्री बन गए। उनकी जगह चौधरी ओमप्रकाश चौटाला प्रदेश के सीएम बने। उस समय चौटाला राज्य विधानसभा के सदस्य नहीं थे। नियमों के तहत मुख्यमंत्री बने रहने के लिए नियमानुसार छह माह के अंदर उनका विधानसभा का चुनाव जीतना अनिवार्य था। चौधरी देवीलाल ने सांसद बनने के बाद महम विधानसभा सीट से इस्तीफा दे दिया था। ऐसे में विधानसभा की महम सीट खाली थी। 27 फरवरी 1990 के महम के उपचुनाव तय हुए।

चुनाव लड़ने के लिए ओमप्रकाश चौटाला ने महम से अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। ताऊ देवीलाल के करीबी व कांग्रेस के पूर्व विधायक आनंद सिंह दांगी ने हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन पद से इस्तीफा देकर महम से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर नामांकन दाखिल कर दिया। चुनाव आयोग ने धांधली की शिकायतों के मद्देनजर आठ मतदान केंद्रों (बूथों) बैंसी, चांदी, महम, भैणी महाराजपुर और खरैंटी में पुनर्मतदान कराने का फैसला किया।
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28 फरवरी को सुबह आठ बजे बैंसी के राजकीय कन्या हाईस्कूल में पुनर्मतदान के लिए वोटिंग शुरू हुई। जहां हिंसा में कई लोग मारे गए। हिंसा के चलते सात मार्च 1990 को महम उप चुनाव को रद्द कर दिया गया। 23 मई को ओमप्रकाश चौटाला को इस्तीफा देना पड़ा। बनारसी दास गुप्ता को मुख्यमंत्री बनाया गया। 26 मई 1990 को ओमप्रकाश चौटाला ने दबड़ा कलां उप चुनाव में जीत हासिल की और विधायक बन गए।



जुलाई 1990 में 52 दिन बाद चौटाला दोबारा प्रदेश के मुख्यमंत्री बन गए। 1991 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत हुई और प्रदेश में भजनलाल सरकार बनी। आनंद सिंह दांगी महम से विधायक चुने गए। महम कांड का सच अब तक सामने नहीं आ सका। 

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परिवेदना समिति की बैठक में नेताओं, अधिकारियों व आम लोगों ने दी चौटाला को श्रद्धांजलि

शुक्रवार को पंचायत मंत्री कृष्णलाल पंवार करीब एक बजे जब शिकायत सुन रहे थे, तब मीडिया  से सूचना मिली कि पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला का निधन हो गया है। मंत्री के साथ नेताओं, अधिकारियों व आम लोगों ने खड़े होकर दो मिनट का मौन रखकर पूर्व मुख्यमंत्री को श्रद्धांजलि दी।



भाजपा के मंत्री कृष्णलाल पंवार का कहना है कि पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला जमीन से जुड़े नेता थे। उनके नेतृत्व में मैं चार बार विधायक बना, वे पूरा मान-सम्मान करते थे। पंवार शुक्रवार को जिला परिवेदना समिति की बैठक में लोगों की समस्याएं सुन रहे थे, जब उनको पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला के देहांत की सूचना मिली। उधर, रोहतक से पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला का गहरा जुड़ाव रहा। 1990 में महम से उन्होंने उप चुनाव लड़ा, लेकिन उप चुनाव में हुई हिंसा यानि महम कांड के चलते चुनाव रद्द हो गया। छह माह में चौटाला विधायक नहीं बन सके, इसके बाद उनको इस्तीफा देना पड़ा। 
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