रोहतक। सर्वजातीय सर्वखाप महिला महापंचायत की रविवार को जाट भवन में नारी चौपाल आयोजित हुई। वक्ताओं ने कहा आज भी घूंघट व हिजाब घर की चहारदीवारी तक महिलाओं को सीमित रखने वाली मानसिकता का परिचायक है। इसके विरुद्ध ‘म्हारा बाणा पर्दामुक्त हरियाणा’ अभियान चलाया जा रहा है। इसके अलावा महिला सशक्तीकरण, लैंगिक समानता, बालिकाओं की उन्नति की बाधाओं के समाधान आदि विषयों पर चर्चा हुई। अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संतोष दहिया ने की।
नारी चौपाल में प्रो. संतोष दहिया ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस जागरूकता, प्रतिबद्धता, भेदभाव अस्वीकार करने और महिलाओं को एक समान अधिकार दिलाने का दिन है। हरियाणा की खाप पंचायतों को पुरुषों के एकाधिकार के लिए जाना जाता था। सबसे पहले वह खाप पंचायत का हिस्सा बनीं और आज सैकड़ों महिलाएं भाग ले रही हैं। उन्होंने पंचायत चुनाव में 50 फीसदी आरक्षण की पुरजोर तरीके से मांग उठाई। सरकार को इसे लागू करने पर मजबूर कर दिया। बेशक, महिलाओं की स्थिति में काफी सुधार हुआ है मगर अपेक्षित सुधारों की गति धीमी है। उन्होंने कहा कि सामाजिक व आर्थिक चुनौतियां अब भी महिलाओं के विकास में बाधक हैं। लैंगिक भेदभाव व पितृ सत्तात्मक विषय समाज के एक तबके में हावी है। नारी चौपाल में महापंचायत की रोहतक जिलाध्यक्ष निर्मला देवी, उपाध्यक्ष कविता अग्रवाल, राजेश कुमारी, रानी देवी, रोशनी देवी, जूली देवी, निशा कुमारी, कुसुम रानी, राजकला, बबीता अहलावत, शकुंतला देवी, कुरुक्षेत्र की जिलाध्यक्ष विजय भारती, करनाल की जिलाध्यक्ष दलजीत कौर संधू, हलकाध्यक्ष सविता गुप्ता, पूंडरी हलका अध्यक्ष ममता चौधरी, सुमन देवी, शाहबाद हलकाध्यक्ष रूबी हुड्डा, फरीदाबाद से ममतामई मां, भिवानी से मनजीत कौर, दादरी से कुसुम देवी, गुरुग्राम से अनीता सिंह, मतलौढ़ा से अनीता देवी, अंबाला से कविता देवी, नजफगढ़ से वीना धीमान, उत्तर प्रदेश से सरिता चौधरी आदि ने भाग लिया।