हरियाणा विद्यालयी शिक्षा बोर्ड (एचबीएसई) की दसवीं और 12वीं की परीक्षा के दौरान जैसी आशंका थी पहले दिन कमोबेश वैसा ही नजारा देखने को मिला। नकल पर नकेल नहीं लग पाई और पहले ही दिन 11 नकलची पकड़े गए। दोनों पालियों में शहर से लेकर देहात तक ज्यादातर केंद्रों के बाहर पर्चियां बनाने और पहुंचाने वालों का झुंड दिखाई दिया। कई केंद्रों पर छतों से पर्चियां फेंकी गईं। नकल कराने में कई परीक्षार्थियों के अभिभावक, भाई-बहन और दोस्त शामिल रहे। कई केंद्राें पर लोग चहारदीवारी पार करके परीक्षार्थी तक पर्ची पहुंचाते देखे गए। कई केंद्रों पर पुलिस कर्मचारी भी नकल कराने में लिप्त नजर आए। परीक्षार्थियों की परीक्षा पूर्व चेकिंग पर कई सुपरिंटेंडेंट सवालों के घेरे में हैं। वहीं, बोहर के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के केंद्र नंबर-3 में दूसरे की जगह ड्यूटी दे रहे चार शिक्षक पकड़े गए हैं। सभी को बुधवार को जिला कोर्ट में पेश किया जाएगा। मामले में उन शिक्षकों पर भी कार्रवाई की जाएगी जिनकी जगह यह ड्यूटी दे रहे थे। वहीं, जिला शिक्षा अधिकारी का दावा है कि पिछले वर्षों की अपेक्षा इस साल कम नकल हुई है।
जिस तरह का नजारा परीक्षा केंद्रों पर रहा उससे यही लगता है कि एचबीएसई की बोर्ड परीक्षा को नकल रहित कराने के दावे पहले दिन फेल हो गए। 10वीं और 12वीं के नियमित, री-अपीयर व ओपन स्कूल के परीक्षार्थियाें की मंगलवार को हुई अंग्रेजी परीक्षा में भारी कमियां देखने को मिलीं। जहां कुछ केंद्रों पर परीक्षार्थियों की चेकिंग के दौरान लापरवाही बरती गई, जिसके चलते गांधी गर्ल्स स्कूल में फर्जी विद्यार्थी पकड़ में आया। वहीं, ग्रामीण और शहरी केंद्राें पर पढ़े-लिखे सरपंचों, सेंटर सुपरिंटेंडेंट, सुपरवाइजरों और पुलिस की मौजूदगी में नकल हुई। दो पाली में हुए पेपर में केंद्रों के बाहर खाकी वर्दी और अभिभावकाें की मिलीभगत दिखाई दी। केंद्रों में पुलिस कर्मी व होमगार्ड होने के बावजूद घरों की छतों से कूद कर खिड़कियों से पर्चियां अंदर पहुंचाई गईं।
वहीं, बोहर के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में सुबह 10वीं की अंग्रेजी विषय की परीक्षा चल रही थी। दोपहर में जब डिप्टी डीईओ रोहतास वर्मा की फ्लाइंग पहुंची तो केंद्र के अंदर और बाहर चल रही नकल और गड़बड़ियों को देखकर अधिकारी दंग रह गए। फ्लाइंग ने तेजी से कार्य करते हुए तीन नकलची पकड़े और केंद्र में ड्यूटी दे रहे चार फर्जी शिक्षकों को पुलिस से पकड़वाया। मामले में संबंधित शिक्षकों के खिलाफ थाने में शिकायत दी। साथ ही, चंडीगढ़ में शिक्षा निदेशालय को भी अवगत कराया।
बोहर केंद्र में फ्लाइंग के दौरे दौरान झज्जर के सिवाणा गांव निवासी अमित, सोनीपत के खांडा निवासी कपिल और पीपली निवासी हरबीर के साथ रोहतक के हसनगढ़ के संदीप को फर्जी शिक्षक के रूप में पकड़ा गया है। ये सभी निजी स्कूलों के शिक्षकों की रिलीविंग पर ड्यूटी दे रहे थे। चारों फर्जी शिक्षक रुड़की के एमडीएस हाई स्कूल गणित मास्टर संदीप कुमार व हिंदी मास्टर अमन कुमार के साथ धामड़ के पदमा सरस्वती एसएस स्कूल के गुलाब सिंह और मुगान स्कूल के संदीप की जगह ड्यूटी दे रहे थे। मामले में चारों फर्जी शिक्षकों के साथ-साथ रिलीविंग पर रहे शिक्षकों की भी जांच की जाएगी।
मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। सभी को बुधवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। अब उन अध्यापकों की तलाश है, जिनकी मिलीभगत से आरोपी उनकी जगह ड्यूटी देने पहुंचे थे। उन अध्यापकों को भी मामले में आरोपी बनाया गया है।
- रमेश कुमार, अर्बन एस्टेट थाना, एसएचओ।
केंद्रों पर रही सख्ती, नकल हुई कम
महम और रोहतक मंडल के कई परीक्षा केंद्रों का दौरा किया है और तीन केस बनाए हैं। जिले में कुछ 11 केस मिले हैं। हालांकि इस बार पिछले वर्षों की तुलना में हालात कुछ ठीक मिले हैं। पहले दिन सख्ती के चलते नकल थोड़ी कम हुई है। जिन जगहों पर गड़बड़ी मिली है, वहां पर केस बनाए गए हैं। नकल रहित परीक्षा कराने के लिए शिक्षा विभाग सख्ती के मूड में है।
- सुनीता रूहिल, डीईओ, रोहतक।