एमडीयू में हुए बीटेक अंक घोटाले में एक और बड़ी परत खुली है। घोटाले में न सिर्फ रिजल्ट ब्रांच, बल्कि कुछ बाहरी लोगों का शामिल होना भी सामने आया है। बताया जा रहा है कि सभी आरोपी मिलकर किसी बड़े फर्जीवाड़े की तैयारी में थे। इसका खुलासा डीन एकेडमिक अफेयर की कमेटी द्वारा सौंपी गई जांच रिपोर्ट में हुआ है। हालांकि अभी तक वीसी की अनुपस्थिति के कारण आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई के आदेश जारी नहीं हुए है।
बता दें कि, एमडीयू की रिजल्ट ब्रांच में गत माह बीटेक अंक घोटाला सामने आया था। खुलासा होते ही यूनिवर्सिटी प्रशासन ने रिजल्ट ब्रांच के अधीक्षक को सस्पेंड कर दिया था। इसके बाद पूरे प्रकरण की जांच डीन एकेडमिक अफेयर की कमेटी बनाकर उन्हें सौंपी गई। बृहस्पतिवार को डीन एकेडमिक अफेयर ने अपनी रिपोर्ट वीसी ऑफिस में सबमिट की। सूत्रों की मानें तो रिपोर्ट में एमडीयू की रिजल्ट ब्रांच के साथ-साथ कुछ बाहरी लोगों का शामिल होना भी सामने आया है। बताया तो यह भी जा रहा है कि घोटाले के आरोपी जल्दी ही बड़ा फर्जीवाड़ा करने की तैयारी में थे, लेकिन समय रहते उनका भंडाफोड़ हो गया।
खानपुर यूनिवर्सिटी की रिपोर्ट भी सबमिट
इस घोटाले के अलावा खानपुर यूनिवर्सिटी में 2013 में हुए अंक फर्जीवाड़े की रिपोर्ट भी वीसी ऑफिस में सबमिट कर दी गई। इसमें गोपनीय शाखा की सहायक और क्लर्क की संलिप्ता का खुलासा हो चुका है, लेकिन वीसी के नहीं होने के कारण दूसरे दिन भी इनके खिलाफ सस्पेंशन के आदेश जारी नहीं हो सके।
यूआईईटी में हुए अंक फर्जीवाड़े पर जांच शुरू
यूआईईटी के एमटेक (मेकेनिकल कोर) के विद्यार्थियों की आंतरिक मूल्यांकन परीक्षा के अंकों में हुए फर्जीवाड़े पर भी जांच शुरू कर दी गई है। यूआईईटी डायरेक्टर डॉ. राहुल ऋषि ने बताया कि 6 विद्यार्थियों ने अपने नंबर कम होने की शिकायत की थी। इस प्रकरण को लेकर संबंधित शिक्षक से उनका जवाब मांगा गया है। हालांकि अभी तक यह पुष्टि नहीं हो सकी कि विद्यार्थियों की शिकायत सही है या फिर गलत। गौरतलब है कि एमटेक मेकेनिकल कोर के विद्यार्थियों ने प्रथम और द्वितीय सेमेस्टर के परिणाम पर सवाल उठाए थे। अधिकारियों को शिकायत करते हुए आरोप लगाया था कि चहेतों को अच्छे अंक दिए गए हैं, जबकि उन्हें कम अंक दिए हैं।
डीन एकेडमिक अफेयर की कमेटी ने यूनिवर्सिटी की रिजल्ट ब्रांच में हुए अंक घोटाले की रिपोर्ट वीसी ऑफिस में सबमिट कर दी है, जिसमें कई लोगों की संलिप्ता सामने आयी है। वीसी के आने पर ही उनके खिलाफ कार्रवाई के आदेश जारी किए जाएंगे।
- डॉ. एसपी वत्स, रजिस्ट्रार एमडीयू।