जिप चेयरमैन चुनाव से चले आ रहे प्रदेश के कृषि एवं पंचायत मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ और जिप चेयरमैन बलराज कुंडू के बीच गिले-शिकवे खत्म हो गए हैं। सोमवार शाम चंडीगढ़ में कृषि मंत्री के आवास पर डेढ़ घंटे तक सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर की मौजूदगी में धनखड़ और कुंडू के बीच बातचीत हुई। धनखड़ ने जिप चेयरमैन और पार्षदों की जानबूझकर अनदेखी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया। अब कुंडू मंगलवार को रोहतक आकर जिप पार्षदों के साथ मीटिंग करके पूरे घटनाक्रम से अवगत करवाएंगे।
लंबे समय से जिला परिषद में पार्षदों और अधिकारियों के बीच तनातनी चल रही है। जिप चेयरमैन बलराज कुंडू और पार्षदों का आरोप है कि अधिकारी उनकी लगातार उपेक्षा कर रहे हैं। फाइलों को लगातार लटकाया जाता है। पार्षदों ने लिखित में आरोप लगाया था कि अधिकारी फर्जीवाड़ा करके सरकार को गुमराह करते हैं। नाराज पार्षदों ने जिप के अंदर कर्मचारियों के कमरों पर भी ताला जड़ दिया था। अगले दिन डीसी के निर्देश पर एसडीएम अरविंद मल्हान, जिप चेयरमैन और पार्षदों को मनाने पहुंचे थे। पार्षदों ने सीएम के नाम एसडीएम को 14 सूत्री मांग पत्र सौंपा था। यह मांग की थी कि अगर समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे सोमवार को सामूहिक इस्तीफा दे देंगे। इससे पहले ही सहकारिता मंत्री ने कुंडू और पार्षदों से बातचीत की। रविवार सुबह कुंडू आवास पर हुई बातचीत के बाद सोमवार को चंडीगढ़ में कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ के आवास पर मीटिंग कराने का निर्णय हुआ था।
जिप चुनाव के बाद बढ़ गई थी धनखड़ व कुंडू के बीच दूरी
भाजपा नेता एवं जिप चेयरमैन बलराज कुंडू ने अपने दम पर न केवल चुनाव लड़ा बल्कि पार्षदों को गोलबंद करके चेयरमैन बनने में भी कामयाब रहे थे। आज भी उनके साथ 14 में से 12 पार्षद हैं। पंचायत खेलों के दौरान भी मंत्री से कुंडू के कुछ मतभेद उभर आए थे। खुद कुंडू पिछले सप्ताह मंगलवार को मीडिया के सामने कह चुके हैं कि अधिकारियों ने मंत्री को गुमराह कर दिया था। अब सोमवार को चंडीगढ़ में मीटिंग से दोनों के बीच संबंधों में बेहतरी की उम्मीद जताई जा रही है।