रोहतक। सांपला में गवाह को धमकाने के मामले में वीरवार को जज मंगलेश कुमार चौबे की अदालत में सुनवाई हुई। बचाव पक्ष ने कहा कि 2019 में शिकायतकर्ता नवदीप अदालत में गवाही दे चुका है कि उसके ऊपर सांपला निवासी देवेंद्र उर्फ बिच्छू ने गोली नहीं चलाई। ऐसे में अब पीड़ित पर आरोपी पक्ष क्यों दबाव बनाएगा। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस के बाद आरोपी देवेंद्र उर्फ बिच्छू, विक्की उर्फ 72 निवासी समचाना व मोहित निवासी चुलियाना को जमानत दे दी।
बचाव पक्ष के वकील सुशील पांचाल ने बताया कि सांपला निवासी नवदीप ने 11 मार्च को शिकायत दी थी कि सांपला में बेरी मोड़ पर उसकी दुकान है, जो उसने करीब तीन साल से किराये पर ली थी। 2018 में उसने देवेंद्र उर्फ बिच्छू के खिलाफ आईपीसी की धारा 307 का केस दर्ज कराया था। अब उसने गवाही होनी है। इस केस के कारण रंजिश बनाए हुए है। 10 मार्च को वह दुकान के अंदर बैठा था। पहले काले व फिर सफेद रंग की स्काॅर्पियो आई। देवेंद्र ने उतरकर उसे दुकान से बाहर खींच लिया और बोला- मैं दिलवाता हूं तेरी को गवाही। दुकान पर मौजूद अन्य लोगों ने उसे छुड़वाया। आरोपियों ने धमकी दी और दुकान के शीशे तोड़ दिए। आसपास के लोग एकत्रित हो गए। इसके बाद आरोपी फरार हो गए।
पुलिस ने आरोपियों को 20 मार्च को गिरफ्तार कर लिया था। अब वीरवार को आरोपियों की जमानत पर बहस हुई। बचाव पक्ष ने कहा कि नवदीप ने 2019 में केस में गवाही दी थी कि उसके ऊपर देवेंद्र ने गोली नहीं चलाई। ऐसे में वह क्यों दबाव बनाएगा। दोनों पक्षों के तर्क के बाद कोर्ट ने जमानत अर्जी मंजूर कर ली। पुराने केस में दूसरा आरोपी बाद में गिरफ्तार हुआ। ऐसे में केस में नए सिरे से आरोप तय हुए हैं, साथ ही नए सिरे से गवाही की प्रक्रिया चल रही है।