नारनौल। एआईयूटीयूसी से संबंधित आशा कार्यकर्ता यूनियन की राज्य महासचिव ने प्रेस को जारी एक बयान में बताया कि देश की दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनों व फेडरेशनों की संयुक्त अपील पर 12 फरवरी की राष्ट्रव्यापी हड़ताल में जिले की आशा कार्यकर्ता भी भाग लेंगी और उस दिन पूर्ण हड़ताल पर रहेंगी।
यूनियन नेत्री मधु देवी ने बताया कि आशा कार्यकर्ताओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। तब तक उन्हें सरकारी कर्मचारियों के समान तमाम सुविधाएं, वेतन व भत्ते दिए जाएं। आशा कर्मियों की लंबित मांगों का तुरंत समाधान किया। एएनएम के 25 प्रतिशत पद आशा कार्यकर्ताओं से भरे जाएं। यूनिफॉर्म भत्ता 2500 रुपये सालाना किया जाए।
रिटायरमेंट पर मिलने वाली सहायता राशि 5 लाख की जाए। सर्विस के दौरान किसी भी आशा की दुखद मृत्यु पर परिवार को 50 लाख की सहायता दी जाए। रिटायरमेंट की उम्र 65 वर्ष की जाए। सभी आशा फैसिलिटेटर को अतिरिक्त मासिक मानदेय दिया जाए आदि विभिन्न मांगों को पूरा करवाने के लिए प्रदेश भर की आशा कार्यकर्ता 12 फरवरी को एक दिवसीय हड़ताल पर रहेंगी। संवाद