स्वास्थ्य विभाग व एफडीए की संयुक्त कार्रवाई में मंगलवार रात गिरफ्तार किए गए केमिस्ट और सप्लायर को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में सुनारिया जेल भेज दिया गया है। इन पर एमटीपी व गर्भपात की दवाइयां बचने का आरोप है।
बीती रात ही दुकान से दवाइयां बरामद करने के बाद दुकान सील भी कर दी गई है। वहीं, स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि स्वास्थ्य का मामला संवेदनशील है। स्वास्थ्य से जुड़े हर अवैध काम करने वालों में भय हो, इसको लेकर ही ऐसी कार्रवाई की गई है। आगे भी स्वास्थ्य विभाग की नजरें अवैध काम करने वालों पर नकेल कसने के लिए लगी रहेगी।
मंगलवार देर रात गुप्त सूचना के आधार पर स्वास्थ्य विभाग व एफडीए विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए बस स्टैंड के नजदीक केमिस्ट शॉप पर काम कर रहे व्यक्ति को गर्भपात की गोलियां बेचते हुए रंगे हाथ पकड़ने की योजना बनाई। विभाग ने डिकॉय मरीज तैयार कर जब केमिस्ट की दुकान पर भेजा तो दुकान पर मौजूद केमिस्ट नवीन ने 600 रुपये लेकर गैरकानूनी तरीके से गर्भपात की गोलियां डिकॉय मरीज को दे दी। डिकॉय मरीज ने यह पैसे यूपीआई के जरिए भेजे। कुछ दूरी पर मौजूद टीम को इशारा मिलते ही टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू कर दी। इससे आसपास के केमिस्ट में भी हड़कंप मच गया। टीम ने डिकॉय मरीज को दी हुई गर्भपात किट के अलावा 5 अन्य किट भी मौके से बरामद की। ड्रग इंस्पेक्टर मनदीप मान ने मौके पर अन्य प्रतिबंधित दवाइयां भी पकड़ी। इसके बाद देव फार्मा केमिस्ट शॉप को मौके पर सील कर दिया गया। नवीन के बयान के अनुसार, टीम को पता चला कि उसको गैरकानूनी गर्भपात की दवाइयां मोहित नागपाल नामक व्यक्ति सप्लाई करता है। एमटीपी एक्ट, एनएमसी एक्ट व ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक एक्ट के तहत टीम ने थाना अर्बन एस्टेट में नवीन व मोहित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिला नोडल अधिकारी डॉ. विश्वजीत राठी, डॉ. विशाल चौधरी व डॉ. मोहित गिल टीम का हिस्सा रहे, साथ ही एफडीए विभाग से ड्रग इंस्पेक्टर मनदीप मान भी इसमें शामिल रहे।
स्वास्थ्य एक संवेदनशील विषय है। इससे जुड़े अधिकार जिस दायरे में निजी संचालकों व सप्लायर या अन्य को दिए गए हैं, इससे इतर 0.1 प्रतिशत भी अवैध गतिविधि होने पर सख्त कार्रवाई स्वास्थ्य विभाग की ओर की जाएगी।
-डॉ. रमेश चंद्र, सिविल सर्जन।
केमिस्ट और सप्लायर को अवैध रूप से गर्भपात की दवा बेचने के आरोप में गिरफ्तार करने के बाद बुधवार को अदालत के समक्ष पेश किया। अदालत ने दोनों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में सुनारिया जेल भेजा है।
-प्रदीप कुमार, एसएचओ, अर्बन एस्टेट थाना।