कोरोना के कारण पिछले दो साल में पांच बार सेना भर्ती स्थगित हो गई। इससे पिछले तीन चार साल से तैयारी कर रहे युवाओं में काफी रोष है। इसको लेकर बुधवार को पानीपत, सोनीपत, झज्जर, रोहतक के युवाओं ने रोष प्रदर्शन किया और डीसी के नाम तहसीलदार जिवेंद्र मलिक को ज्ञापन सौंपा। हालांकि युवाओं के रोष प्रदर्शन को देखकर जिला सैनिक बोर्ड ने अपने मुख्य गेट पर पहले ही ताला लगा दिया था। ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न फैले।
सेना भर्ती की तैयारी करने वाले अभ्यर्थी राजीव गांधी स्टेडियम में सुबह 9 बजे ही इकट्ठे होना शुरू हो गए और 10 बजे तक सैकड़ों युवाओं की भीड़ जमा हो गई। दस बजे ही स्टेडियम से बाइक पर तिरंगा लेकर युवा न्यू बस स्टैंड, किशनपुरा व सोनीपत स्टैंड होते हुए डीसी ऑफिस की तरफ ज्ञापन देने के लिए पहुंचे। युवाओं ने रास्ते में भारतीय सेना जिंदाबाद के नारे लगाए। भर्ती रद्द होने पर जिले में पहली बार युवा सड़क पर तिरंगा लेकर उतरे। डीसी ऑफिस पहुंचने के बाद भी युवा भारतीय सेना जिंदाबाद के नारे लगाते रहे। युवा बार-बार कह रहे थे कि हमारी बात को रक्षा मंत्रालय तक पहुंचाया जाए। उम्र में छूट देने के साथ-साथ जल्द से जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए।
पिछली बार सेना भर्ती रैली कोरोना के कारण नहीं हुई और दूसरी लहर आने के बाद यह भर्ती स्थगित हो गई। पहली और दूसरी लहर से युवाओं के सेना में जाने के अरमान धरे रह गए है। तीसरी लहर के कारण भी अगस्त में होने वाली सेना भर्ती स्थगित कर दी गई। इसके कारण कुछ बच्चे 4 महीने से ओवर एज हो गए, तो कोई छह महीने से ओवर एज हुआ है। अब इनकी सरकार से मांग है कि भर्ती नियमों में आयु में छूट दी जाए तभी इनका भविष्य बन सकता है। अलग-अलग जिलों के युवा रोहतक में अलग-अलग डिफेंस एकेडमी में आकर अपनी तैयारी कर रहे है। गांव के युवा सुबह चार बजे से अपनी तैयारियों में जुट जाते है। लेकिन बार-बार स्थगित हो रही सेना भर्ती से उनका मनोबल भी टूट रहा है।
अभ्यर्थी बोले, टूट रहे सपने
रोजाना सुबह जल्दी उठकर सेना भर्ती की तैयारियों में लगा था। भर्ती की तमाम पात्रता पूरी होने के बावजूद मौका हाथ से निकल गया। कोरोना के कारण सपने टूट गए। परिवार खेतीबाड़ी करता है, पिछले तीन साल से सेना भर्ती के लिए लगातार प्रयास कर रहा हूं। लेकिन भर्ती स्थगित होने से मनोबल भी टूट रहा है। परिवार के लोग भी परेशान होते है। एकेडमी पर खर्चा देना पड़ता है। अब सरकार से आग्रह है कि भर्ती को लेकर आयु में छूट दी जाए।
- दिलावर, अभ्यर्थी
गांव से शहर में आकर कमरा लिया और सेना भर्ती की तैयारियों में जुट गया। पिछले साल सेना भर्ती हुई नहीं और इस बार की भर्ती स्थगित हो गई। अगर दोबारा से होने वाली भर्ती भी स्थगित होती है तो उम्र निकलने के कारण सेना में सेवा करने का सपना धरा का धरा रह जाएगा। परिवार में फूफा जी आर्मी में है उन्हीं से प्रेरित होकर सेना के लिए तैयारी शुरू की थी। परिवार में ताऊ का लड़का सरकारी विभाग में है, उसके अलावा कोई संसाधन नहीं है। लेकिन उम्मीद के कारण फिर से तैयारी शुरू करनी पड़ेगी।
- प्रवीण, अभ्यर्थी
सेना भर्ती को लेकर बहुत उत्साह था, लेकिन जैसे ही स्थगित होने की सूचना मिली परिवार के लोगों को भी बहुत दुख हुआ। अब की बार आखिरी चांस बचा हुआ है। दोबारा से निकलने वाली भर्ती भी स्थगित हो गई तो तैयारी के समय देने वाला समय पूरी जिंदगी याद रहेगा। पिता ने कहा था कि सेना में जाने के लिए कुछ भी कर, सेना में भर्ती होना ही होना है। लेकिन भर्ती स्थगित होने से उम्मीद टूट रही है। परिवार में सिर्फ पिता ही कमाने वाला है, लेकिन उससे भी पूरी तरह से गुजारा नहीं होता।
- रोहित, अभ्यर्थी
बार-बार भर्ती स्थगित करने से युवाओं के साथ अन्याय किया जा रहा है। भर्ती स्थगित होने के बाद से युवाओं को डर सता रहा है कि उनकी तैयारी का क्या होगा। पांचवीं बार सेना रैली भर्ती स्थगित होने के कारण हौसला टूटता जा रहा है, यहीं नहीं 21 साल तक का युवा ही भर्ती में भाग ले सकता है। लेकिन इस तरह भर्ती स्थगित होती रही तो कुछ युवा सेना में सेवा का अवसर प्राप्त नहीं कर पाएंगे। एक महीने पहले ही भाजपा सांसद डॉ. अरविंद शर्मा अभ्यर्थियों के उम्र को लेकर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात कर चुके है। उन्होंने भर्ती के दौरान उम्र में एक साल की छूट देने की मांग रखी है। इस पर रक्षामंत्री ने आश्वासन दिया था।
- मोहित, अभ्यर्थी
यह मामला हाई कमान के संज्ञान में है, इस पर विचार विमर्श किया जा रहा है। बच्चों का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। इस भर्ती को स्थगित किया गया है, न कि रद्द। आने वाले समय में हालत ठीक रहे तो मार्च से पहले यह भर्ती प्रक्रिया करवाई जा सकती है।
- रत्नदीप खान, भर्ती निदेशक