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पार्षदों का एलान, आज मांगें नहीं मानीं तो कल जनता के साथ सड़कों पर उतरेंगे

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पार्षदों ने नगर निगम परिसर में दूसरे दिन भी बुधवार को धरना-प्रदर्शन किया। नगर निगम प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाए। आंदोलित पार्षद विकास कार्यों, एनडीसी व प्रॉपर्टी आईडी बनाने के नाम पर हुए भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच की मांग पर अड़े रहे। इस दौरान एलान किया कि वीरवार को भी धरना-प्रदर्शन करेंगे। यदि मांगे पूरी नहीं हुई तो शुक्रवार को वार्ड की जनता के साथ सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे।
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मंगलवार को हुई हाउस की मीटिंग में पार्षदों ने एनडीसी (नो ड्यूज सर्टिफिकेट) व प्रॉपर्टी आईडी के नाम पर नगर निगम में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। इस पर निगम आयुक्त डॉ. नरहरि बांगड़ को पहले के मामलों की जानकारी नहीं होने और विजिलेंस को शपथ पत्र देकर अपने स्तर से जांच करवाने की बात पर पार्षद आक्रोशित हो गए थे। गुस्साए पार्षदों ने सदन का बहिष्कार कर दिया और नगर निगम परिसर में धरने पर बैठ गए। पार्षदों के भ्रष्टाचार के आरोपों के समर्थन में मेयर मनमोहन गोयल, सीनियर डिप्टी मेयर राजकमल सहगल और डिप्टी मेयर अनिल कुमार भी आ गए। आरोपों की जांच की मांग पूरी नहीं होने पर पार्षदों ने बुधवार को भी नगर निगम परिसर में पूर्वाह्न 11 बजे से दोपहर दो बजे तक धरना-प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। किसी भी अफसर की तरफ से मांगों पर कोई आश्वासन नहीं मिलने पर एलान कर दिया गया कि वीरवार को भी धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। यदि मांगे पूरी नहीं होगी तो शुक्रवार को पार्षद अपने क्षेत्र की जनता के साथ नगर निगम में एकत्रित होंगे और फिर सड़कों पर उतरकर विरोध-प्रदर्शन करेंगे।
पुलिस के साथ मुस्तैद रहीं खुफिया एजेंसी
कानून व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए प्रशासन ने निगम परिसर में पुलिस फोर्स के साथ-साथ एसडीएम राकेश सैनी को भी तैनात कर दिया था। वहीं, उच्चाधिकारियों को पल-पल की खबर देने के लिए खुफिया विभाग की टीमें भी जुटी रहीं, जो हर मूवमेंट की जानकारी पहुंचा रही थी।
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पार्षद बोले, शांति से कर रहे विरोध फिर फोर्स क्यों?
धरना देने आए पार्षदों ने जब निगम परिसर में पुलिस फोर्स को मुस्तैद देखा तो मौजूद अफसरों से आपत्ति जाहिर की। पार्षदों ने कहा कि वे शांतिपूर्वक विरोध दर्ज करवा रहे हैं। जनप्रतिनिधि हैं, फिर इतना फोर्स क्यों लगाया गया?
विरोध प्रदर्शन में शामिल रहे ये पार्षद
सीनियर डिप्टी मेयर राजकमल सहगल, डिप्टी मेयर अनिल कुमार, सुमन सैनी, पप्पन गुलिया, गीता व उनके प्रतिनिधि डॉ. सतीश, सुनील, जयभगवान, राहुल देशवाल, कदम सिंह अहलावत, मंजू हुडा के प्रतिनिधि बिजेंद्र हुडा, गुलशन ईशपुनियानी, दीपक नारा के प्रतिनिधि, सूरजमल किलोई।
पार्षदों की मांगें
1- अमरूत योजना के तहत वार्डों में किए गए सीवर व पानी के कामों की निष्पक्ष जांच करवाई जाए।
2- निगम में प्रॉपर्टी आईडी, एनडीसी, नक्शा पास करने, अवैध कॉलोनी के वध करने में हुए भ्रष्टाचार की जांच और अधिकारियों की संलिप्तता की जांच करके कार्रवाई की जाए।
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3. सड़कों के बनाने व मरम्मत पर हुए खर्चों की जांच की जाए।
4. सेक्टरों में सीवरेज व स्ट्रॉम वाटर की व्यवस्था हुडा व नगर निगम करते हैं। ये कार्य किसी एक ही विभाग से करवाए जाए ताकि लोगों की समस्या का निदान हो।
5. वार्डों में अब तक किए गए विकास कार्यों में हुए खर्च की निष्पक्षता से जांच की जाए।
6. तीन साल में सुलभ शौचालय बनवाने में हुए खर्च व गुणवत्ता की जांच हो।
7. वार्डों में दो साल से समान रूप से विकास कार्य नहीं हो रहे हैं। तत्काल 10-10 करोड़ रुपये के विकास कार्यों के लिए बजट का प्रावधान किया जाए।
वीरवार को भी नगर निगम परिसर में पार्षद धरना-प्रदर्शन करेंगे। मांगें नहीं मानी गईं तो शुक्रवार से क्षेत्रीय जनता के साथ सड़क पर उतरेंगे।
- अनिल कुमार, डिप्टी मेयर
मैं पार्षदों के साथ हूं। निगम में हुए भ्रष्टाचार की जांच होनी चाहिए। दोषी अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
- राजकमल सहगल, सीनियर डिप्टी मेयर
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