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हड़ताल पर बैठे एसडीओ व जेई का फूटा गुस्सा, एसई का घेराव कर मुर्दाबाद के लगाए नारे, एक्सईएन से धक्कामुक्की

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डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन के राज्य प्रधान राजेश अधिशासी अभियंता रोहित कुमार का हाथ पकड़ कर ज
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रोहतक। बेमियादी हड़ताल पर बैठे जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ व जेई का सोमवार को गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने दफ्तर में एसई का घेराव कर मुर्दाबाद के नारे लगाए। निलंबित जेई को बहाल करने की मांग की। डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन के राज्य प्रधान राजेश रुहिल ने एसई से कहा ‘सदबुद्धि आएगी या लानी पड़ेगी। नौकरी की परवाह करो मिस्टर। चोर बजारी मचा रखी है’। आंदोलनकारी और एक्सईएन के बीच खींचतान हुई। निलंबन की वजह पूछने पर एसई बोले, ‘मैं खुद निलंबित जेई के पक्ष में खड़ा हूं। मैं उसे दोषी नहीं मानता हूं। मान रहा हूं गलत हुआ है’। एक्सईएन बोले हेड ऑफिस से दबाव था। फिर बोले नाम मांगे थे कि कौन-कौन ड्यूटी पर थे।
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30 जून को तेज बारिश से शहर में जबरदस्त जलभराव होने पर इंजीनियर इन चीफ ने गुरुनानकपुरा डिस्पोजल पर तैनात जेई को निलंबित कर दिया। इससे गुस्साए एसडीओ व जेई ने बेमियादी हड़ताल शुरू कर दी। आंदोलनकारियों का आरोप है कि अफसरों ने अपनी गलती व कमी छिपाने के लिए जेई को निलंबित किया है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन के बैनर तले चल रही बेमियादी हड़ताल चौथे दिन उग्र हो गई। जैसे ही एसई (अधीक्षण अभियंता) राजीव गुप्ता आए वैसे ही आंदोलनकारी मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए उनके दफ्तर में घुस गए। नारेबाजी करते हुए निलंबित जेई को बहाल करने की मांग की। उन्होंने पूछा जेई को क्यों निलंबित किया।
एसई ने जवाब दिया कि एक्सईएन ने लिखकर दिया, जिस पर मैंने संस्तुति की है। अपना पक्ष रखते हुए एसई ने कहा कि मैं ये नहीं कह रहा कि जेई की गलती है। बहाली के सवाल पर कहा एसोसिएशन लिखकर दें कि जनहित में बहाल किया जाए, तो बहाली करवा देंगे। इस पर आंदोलनकारी उखड़ गए, जिस पर एसई बोले-चीफ इंजीनियर से बात हो गई है, इसी सप्ताह बहाली हो जाएगी।
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इस बीच राज्य प्रधान राजेश रुहिल आ गए। उन्होंने पूछा कि किस आधार पर जेई को निलंबित किया। एसई बोले, एक्सईन ने लिखकर दिया कि चार डिस्पोजल समय पर नहीं चले। राज्य प्रधान ने आरोप लगाया कि लूटकर घर भर लिया है। तेरी जीप कैसे चली। सरकार की किरकिरी अफसरों की वजह से हुई। स्पष्ट रूप से कहा कि आप अपनी नौकरी की परवाह करो मिस्टर। सरकार की आंख में धूल झोंकने के लिए जेई को निलंबित किया है। ये बात सुनते ही एसई बोले, मैं खुद जेई के पक्ष में खड़ा हूं। मैं धरना स्थल पर भी गया हूं। मैं जेई को दोषी नहीं मानता हूं। आंदोलनकारियों ने एसई को धरना स्थल पर बात करने के लिए दबाव बनाया। स्थिति देख एसई धरनास्थल पर पहुंचे, तभी एक्सईएन रोहित कुमार आ गए। जिन्हें देख आंदोलनकारियों ने नारेबाजी तेज कर दी। कुछ लोग एक्सईएन की तरफ बढ़े तो एसई ने दूर किया। तभी उनकी एक्सईएन से धक्कामुक्की हो गई।
राज्य प्रधान ने खुलेआम एक्सईएन से कहा बच नहीं सकते हो, उनके भी कई मामले हैं। ऐसे में बारिश हो गई तो फिर जनता को परेशानी होगी। मामला शांत कराते हुए एसई ने फिर कहा जेई को गलत निलंबित किया है। चीफ इंजीनियर से बात हो चुकी है। आज भी मेरी बात हुई है, बहाल कर देंगे। मैं मान रहा हूं कि गलत हुआ है।
वहीं, एक्सईएन रोहित कुमार ने कहा कि हेड ऑफिस से काफी दबाव था। नाम मांगे गए थे कि किन-किन की ड्यूटी थी। चार डिस्पोजल देरी से क्यों चले। जिस पर रिपोर्ट बनाकर भेज दी।
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