रोहतक। निजी बस परिचालक अपनी मनमानी चला रहे हैं। नियमों के विरुद्ध बुजुर्गों से पूरा किराया वसूला जा रहा है। सरकार की ओर से बुजुर्गों के लिए बनाई गई निजी बसों में आधे किराए की योजना का लाभ पात्रों को फायदा नहीं मिल रहा है। इस बारे में रोडवेज डिपो प्रशासन अनेक शिकायत कर चुके है, लेकिन क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण (आरटीए) विभाग इस पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।
आधार कार्ड दिखाने के बाद भी निजी बस में परिचालक ने पूरा किराया वसूला। समाज कल्याण विभाग से बना कार्ड भी परिचालक को दिखाया। इसके बावजूद परिचालक नहीं माना और रोहतक से झज्जर तक का पूरा किराया वसूला।
-जयपाल, प्रीत विहार कॉलोनी
वीरवार को बहादुरगढ़ से रोहतक की तरफ आते समय निजी बस परिचालक ने टिकट लेने के लिए कहा। टिकट के रुपये दिए मांगा तो आधी टिकट बनाने के लिए समाज कल्याण विभाग का बनाया पास दिखाया। इसके बावजूद 55 रुपये पूरा किराया वसूला और बाद में टिकट भी नहीं दिया। - धर्मपाल सिंह, कमला नगर।
- रोहतक से दिल्ली जाते समय निजी बस में सवार हुआ था। बहादुरगढ़ मेट्रो स्टेशन पर उतरना था। बस परिचालक ने आधी टिकट न देकर पूरा टिकट दिया। बार-बार कहने के बावजूद वह बस से उतारने की धमकी देने लगा। किराया लेने के बाद टिकट भी नहीं दिया। - संतोष, कमला नगर।
- निजी बस से महम के लिए किसी काम से गया था। परिचालक ने टिकट मांगा और उसे आधा किराया देने लगा तो पूरे पैसे देने को कहा। पहचान पत्र देने के बाद भी उसने पूरा किराया लिया। किराया लेकर टिकट नहीं दिया। - आरसी शर्मा, काठमंडी।
वर्जन
किराये संबंधी शिकायत आती रहती है। इन शिकायतों को आरटीओ के पास भेजा जाता है। रोडवेज इस पर कोई कार्रवाई नहीं कर सकता है। इसलिए यह शिकायत विभाग को भेजी जाती है।
जयवीर कुमार, संस्थान प्रबंधक, रोडवेज डिपो।