मोहाली में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को लेकर हरियाणा-पंजाब के बीच शुरू हुई जंग दिल्ली तक पहुंच गई है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने केंद्रीय मंत्री अशोक गजापति राजू को चिट्ठी लिखकर पंजाब सरकार की शिकायत करते हुए स्थिति साफ करने को कहा। शनिवार को रोहतक में मंत्री मनीष ग्रोवर के आवास पर पहुंचे सीएम ने दावा किया कि केंद्रीय मंत्री ने स्थिति को साफ कर दिया है। उनका कहना है कि हवाई अड्डे पर हरियाणा-पंजाब का बराबर का हिस्सा है। उसे चंडीगढ़ में माना जाएगा। जिस जमीन में हवाई अड्डा बना है, उसमें हरियाणा-पंजाब ने मिलकर पैसा लगाया है। बाकी खर्चा भी बराबर किया है। जबकि उसमें केंद्र की 51 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
दरअसल, पहली अंतरराष्ट्रीय उड़ान के उद्घाटन के लिए विज्ञापनों में पंजाब सरकार ने हवाई अड्डे को केवल अपना बताया और उसको चंडीगढ़ की जगह मोहाली में दर्शाया था। इसको लेकर हरियाणा-पंजाब सरकार आमने-सामने हो गईं। हालांकि, सीएम खट्टर का कहना है कि दिल्ली के हस्तक्षेप के बाद कोई विवाद नहीं रह गया है। वहां से साफ कर दिया गया है कि हवाई अड्डे में हरियाणा-पंजाब की हिस्सेदारी है और यह चंडीगढ़ में माना जाएगा।
बीमारियों की रोकथाम को सरकार सजग
सीएम खट्टर का कहना है कि प्रदेश में जिस तरह से चिकनगुनिया, डेंगू और मलेरिया फैल रहा है, उसको देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के साथ ही पूरी सरकार मामले पर नजर बनाए हुए है। विज खुद मॉनीटरिंग कर रहे है, जिससे कोई लापरवाही न बरत सके। इसलिए ही डाक्टरों से बात करके उनको हड़ताल पर नहीं जाने के लिए कहा गया। उन्होंने कहा कि दवाई आदि की व्यवस्था सभी अस्पतालों में कराई जा रही है।