निंदाना गांव में हुए रविंद्र हत्याकांड के आरोपी सुमित को पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। हत्यारोपी का मोबाइल शव के पास ही पड़ा मिला था तो उसी आधार पर उसे काबू किया गया है।
आरोपी का अदालत से एक दिन का रिमांड मिला है। पूछताछ में हत्यारोपी ने गाली-गलौज करने पर रविंद्र की अकेले ही गला घोंटकर हत्या करने की बात कही है। हालांकि, परिजन ने आरोप लगाया है कि सुमित दूसरे हत्यारोपियों को बचाने का प्रयास कर रहा है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दो टीम गठित कर दी हैं।
पुलिस ने बताया कि रविंद्र (35) की हत्या के बाद का एक वीडियो वायरल हुआ था। इसमें हत्यारोपी सुमित (22) अपने साथ रविंद्र को नशे में घसीटता दिखाई दे रहा है। इसके बाद उसकी हत्या हो जाती है और पुलिस को रविंद्र के शव के पास से ही सुमित का मोबाइल भी बरामद हुआ था। पुलिस ने हत्यारोपी के मोबाइल और वीडियो फुटेज के आधार पर हिरासत में लिया तो उसने अकेले हत्या करने की बात कबूल ली।
हालांकि, परिजन ने इस बात पर एतराज उठाया और कहा कि सुमित अन्य हत्यारोपियों को बचाने का प्रयास कर रहा है। पुलिस ने हत्यारोपी को गिरफ्तार कर उसे अदालत में पेश किया और एक दिन का रिमांड भी मिल गया। पूछताछ की जा रही है। हत्यारोपी सुमित घटना के अगले दिन मोबाइल की तलाश में रविंद्र के घर तक आया था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार रविंद्र की गला घोंटकर हत्या की गई थी। हत्या का आरोपी सुमित गिरफ्तार कर लिया है और चार अन्य फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।
- सत्यपाल, थाना प्रभारी महम।
रविंद्र हत्याकांड की कहानी परिजन-पुलिस के नहीं उतर रही गले
रविंद्र हत्याकांड में हत्यारोपी सुमित की कहानी परिजन और पुलिस दोनों के ही गले से नहीं उतर रही है। परिजन का कहना है कि हत्या बदला लेने की नीयत से की गई है। चूंकि हत्यारोपी सुमित का उनके भाई के साथ कोई उठ-बैठ नहीं थी और रात में वह शराब की बोतल लेकर आया। जबकि गांव के दो युवकों ने जब देखा था तो दोनों ही नशे में धुत थे। जब सुमित भी नशे में था तो वह रविंद्र की हत्या कैसे कर सकता है। रविंद्र के पिता रामफल ने बताया कि हत्यारोपी राजेश और सुनील को संदेह है कि उनके भाई की हत्या विजेंद्र ने की थी। जबकि पुलिस की कई जांच में उसे निर्दोष साबित कर दिया है। मगर उन दोनों भाईयों को इससे तसल्ली नहीं हुई। राजेश और सुनील ने अपने भाई की हत्या का बदला लेने के लिए ही उनके बेटे रविंद्र को मारा है
रविंद्र हत्याकांड के खुलासे से खड़े हुए कुछ सवाल
-रविंद्र से सुमित कभी मिलता-जुलता भी नहीं था तो उस दिन शराब लेकर क्यों आया
-जब रविंद्र को लेकर गया था और उसे मारना ही होता तो जहां पर शराब पी वहीं पर हत्या कर देता
-शराब के नशे में होने के बाद उसको चलना भी मुश्किल था तो वह हत्या कैसे कर सकता है
-जब किसी की हत्या की जाती है तो वह जान बचाने का पूरा प्रयास करता है जो रविंद्र ने भी किया था
-यह कैसे संभव है कि नशे में होने के बाद भी किसी व्यक्ति को गला घोटकर मार दिया गया
-रविंद्र की आंख और मुंह पर चोट के निशान है, पुलिस का दावा है कि पैर से ही चोट मारी है
-जबकि नशे में सुमित खड़ा तक नहीं हो पा रहा था तो पैर से कितनी जोर से चोट मार सकता था
-आखिर अचानक उसे कैसे रविंद्र ही शराब के पिलाने के लिए याद आया था और वह घर पहुंचा
-सुमित के चचेरे भाई की हत्या का आरोप विजेंद्र पर था तो राजेश और सुनील ने उसे प्रयोग तो नहीं किया
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