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एक प्रेम पत्र से पलट गया दुष्कर्म का केस

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रोहतक। शहर से बाहर की एक युवती द्वारा रोहतक के युवक को लिखे गए एक प्रेम पत्र ने दुष्कर्म के केस की दशा ही बदल दी। बचाव पक्ष ने प्रेम पत्र को आधार बनाकर साबित कर दिया कि बालिग युवती व युवक के बीच सहमति से शारीरिक संबंध बने थे। शुक्रवार को जिला अदालत ने आरोपी युवक को दुष्कर्म के आरोप से बरी कर दिया, जो शादीशुदा है।
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एडवोकेट आनंद सिंह कादियान ने बताया कि शहर से बाहर की एक 21 वर्षीय युवती ने अर्बन एस्टेट थाने में शिकायत दी थी। आरोप लगाया था कि 2015 में रोहतक की आउटर कॉलोनी का एक युवक उसे तिलियार झील के पास ले गया और उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध स्थापित किए। उसके उत्पीड़न में आरोपी की मां व भाई की भी भूमिका रही। अर्बन एस्टेट थाना पुलिस ने दुष्कर्म व अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया, लेकिन आरोपी युवक को हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिल गई, जबकि उसकी मां व भाई को जिला अदालत से अग्रिम जमानत मिली। पुलिस ने अदालत में चालान दाखिल किया। तभी से कोर्ट में आरोपी के खिलाफ केस चल रहा था।
हैंड राइटिंग एक्सपर्ट ने रिपोर्ट दी प्रेमपत्र लड़की ने ही लिखा
वकील ने बताया कि कोर्ट में केस की सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि युवती का कहना है कि उसके साथ 2015 में गलत काम हुआ। जबकि वह शिकायत अब 2017 में दे रही है। जब लड़की की शादी हो गई और उसकी शादी की अगले दिन पार्टी चल रही थी। दूसरा, आरोपी युवक केे पास लड़की का लिखा प्रेम पत्र व फोटो हैं। फोटो में लड़की बिल्कुल सामान्य दिखाई दे रही है। लड़की से पूछा गया कि यह पत्र उसने लिखा है तो उसने मना कर दिया। ऐसे में हैंड राइटिंग एक्सपर्ट को बुलाया गया। उसने जांच कर रिपोर्ट दी कि पत्र की लिखाई और पीड़िता द्वारा दी गई शिकायत पत्र की लिखाई आपस में मेल खाती हैं। वीरवार को दोनाें पक्षों की बहस के बाद अदालत ने शुक्रवार के लिए फैसला सुरक्षित रख लिया था। दोपहर बाद कोर्ट ने आरोपी को बरी कर दिया।
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वर्जन
एक युवती ने रोहतक के युवक के खिलाफ दुष्कर्म का केस दर्ज करवाया था। अदालत में साबित हो गया है कि दोनों के बीच सहमति से संबंध बने थे। यह भी साबित हुआ है कि जो पत्र आरोपी के पास था, वह युवती ने ही लिखा है। शुक्रवार को कोर्ट ने युवक को बरी कर दिया।
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- एडवोकेट पुष्पराज, वकील, बचाव पक्ष
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